Bhind News: देवाशीष जरारिया ने छोड़ी कांग्रेस, भिंड लोकसभा सीट से फूलसिंह बरैया को पहुंचा सकते हैं नुकसान

MP Congress News: 2019 के लोकसभा चुनाव में भिंड-दतिया संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़े देवाशीष जरारिया ने कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है।

उन्होंने इस्तीफे में कांग्रेस नेताओं पर राजनैतिक हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया है। भिंड से लोकसभा टिकट कटने के बाद देवाशीष को बसपा सुप्रीमो मायावती ने फोन करके बसपा से लोकसभा प्रत्याशी बनाने का भरोसा दिया है। बसपा सुप्रीमो से आश्वासन मिलने के बाद देवाशीष आज राजस्थान के अलवर में बसपा जॉइन करेंगे।

Devashish leaves Congress from Bhind Lok Sabha constituency may harm Phoolsingh Baraiya

जरारिया के करीबियों की मानें तो, वे दिल्ली की जवाहर लाल यूनिवर्सिटी(JNU) में पढ़ रहे थे और वे बहुजन समाज पार्टी के प्रवक्ता थे। दिल्ली में रहते हुए उन्होंने यूपीएससी की तैयारी की थी। इस दौरान कांग्रेस नेता दिग्विजय के संपर्क में आए और उनके कहने पर कांग्रेस जॉइन की थी। उन्हें भिंड से लोकसभा का टिकट मिला था।

दिग्विजय सिंह के करीबी कहे जाते थे देवाशीष कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के करीबी माने जाने वाले देवाशीष को 2019 के भिंड से कांग्रेस का टिकट दिया गया था। हालांकि, वह यह चुनाव हार गए थे। उनके टिकट की सिफारिश सीधे राहुल गांधी ने की थी। इसके बाद उनकी गिनती कांग्रेस के बड़े नेताओं में होने लगी। दिग्विजय सिंह से उनकी पहचान व्यापमं के व्हिसिलब्लोअर आनंद राय ने और हीरालाल अलावा ने इंदौर में कराई थी। इसके बाद ही वे कांग्रेस में शामिल हो गए थे।

Devashish leaves Congress from Bhind Lok Sabha constituency may harm Phoolsingh Baraiya

इस बार 2024 के लोकसभा चुनाव में भिंड-दतिया संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस ने भांडेर विधायक फूल सिंह बरैया को प्रत्याशी बनाया है। इसके बाद से ही देवाशीष कांग्रेस नेताओं से नाराज थे। उन्होंने आज अपना इस्तीफा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को भेज दिया। बसपा से यदि वे चुनाव लडे़ तो कांग्रेस प्रत्याशी फूल सिंह बरैया की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सूत्रों की मानें तो मायावती ने देवाशीष को चुनाव लड़ने में भरपूर मदद करने और जनसभा करने का आश्वासन दिया है। यदि मायावती ने भिंड में जोर लगाया तो फूल सिंह बरैया की मुश्किलें बढ़ सकतीं हैं।

इस्तीफे में यह कहा

जरारिया ने अपने इस्तीफे में यह कहा कि उन्हें गहन विचार-विमर्श और पार्टी द्वारा हाशिए पर धकेले जाने के बाद समय कठोर निर्णय लेने का है। उन्होंने कहा कि 2019 में पार्टी ने उन्हें भिंड-दतिया लोकसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया था, लेकिन हारने के बाद कोई उम्मीदवार क्षेत्र में वापस लौट कर नहीं जाता, लेकिन पार्टी को मजबूत करने की लगन थी। उन्होंने कहा कि वे निम्न मध्यम वर्गीय परिवार से आने के बाद भी आर्थिक चुनौतियों का सामना करते हुए, संघर्ष जारी रखा।

उन्होंने इस बारे में कहा कि पांच वर्षों में मध्यप्रदेश में उप चुनाव, विधानसभा चुनाव हुए। सभी में कहा गया कि तुम हमारे लोकसभा उम्मीदवार हो तुम्हें लोकसभा लड़ना है, मैंने कोई टिकट नहीं मांगा। उन्होंने कहा कि जब क्षेत्र में संघर्ष की बात थी तो कोई नहीं था, लेकिन जैसे ही वर्तमान लोकसभा चुनाव आए तो उनका टिकट काट दिया गया।

उन्होंने कहा कि उसके बाद पार्टी ने संगठन में जिम्मेदारी देने की बात कही गई, जो आज तक पूरी नहीं की गई है। उन्होंने इस बारे में कहा कि टिकट कटने के बाद से ही न तो प्रदेश संगठन के बड़े नेताओं ने कोई बात की और न प्रत्याशी ने, क्षेत्र के कार्यक्रमों में भी नहीं बुलाया जा रहा है।

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