हिजाब विवाद के बीच कर्नाटक में कई प्राइवेट स्कूलों ने अभिभावकों के लिए लागू किया ड्रेस कोड सिस्टम
कर्नाटक में अभी हिजाब विवाद को लेकर मामला शांत नहीं हुआ कि राज्य के कुछ निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों ने अभिभावकों के लिए ड्रेस कोड लागू कर दिया है।
बेंगलुरु, 23 फरवरी। कर्नाटक में अभी हिजाब विवाद को लेकर मामला शांत नहीं हुआ कि राज्य के कुछ निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों ने अभिभावकों के लिए ड्रेस कोड लागू कर दिया है। यह देखते हुए कि कई अभिभावक अनौपचारिक ड्रेस में अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने व स्कूल से लेने आते हैं, कुछ निजी गैर-सहायता प्राप्त स्कूलों ने माता-पिता के लिए एक ड्रेस कोड लागू किया है।

ड्रेस कोड को लेकर सर्कुलर जारी
स्कूलों द्वारा जारी किए गए सर्कुलर में उपलब्ध विवरण के अनुसार अभिभावकों को बरमूडा, शॉर्ट्स, स्पोर्ट्स गियर, हाउस वियर, स्लीवलेस और ट्रैक पैंट आदि पहनकर स्कूल आने पर प्रतिबंधित कर दिया गया है। दक्षिणी बेंगलुरु में स्थित एक प्राइम स्कूल द्वारा जारी सर्कलुर में कहा गया है, 'स्कूल जाते समय ड्रेस कोड का पालन करें। शॉर्ट्स, बरमूडा, स्लीवलेस, ट्रैक पैंट, स्पोर्ट्स गियर, नाइटवियर, हाउस वियर आदि पहनने से परहेज करें।'
ड्रेस कोड लागू होने पर क्या बोले अभिभावक
स्कूलों के इस फैसले पर अभिभावकों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। एक छात्र की मां ने कहा, 'यह सच है कि हम माता-पिता को कुछ ड्रेस सेंस होना चाहिए क्योंकि हमारे बच्चों सहित सैकड़ों अन्य बच्चे हमें देख रहे होते हैं। हम जो पहनते हैं वह दूसरों को शर्मिंदा नहीं करना चाहिए।' हालांकि कुछ ने कहा कि क्या पहनना है और क्या नहीं यह उनकी पसंद है। एक अन्य अभिभावक वाणी सी ने कहा कि स्कूलों को अभिभावकों पर ड्रेस कोड नहीं थोपना चाहिए। हमें वो पहनने दिया जाए जिसमें हम सहज हों। यह बहुत दुखद है कि कुछ प्राइवेट स्कूल ने अभिभावकों को भी नियंत्रित करना शुरू कर दिया है।
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अभिभावकों को सभ्य तरीके से स्कूल आना चाहिए
इसको लेकर कर्नाटक में प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के एसोसिएटेड मैनेजमेंट के महासचिव डी शशि कुमार ने कहा, 'हमें नहीं पता कि हमें इसके लिए कंपनियों द्वारा अभिभावकों को लंबे समय के लिए दिए जा रहे वर्क फ्रॉम होम को दोषी मानना चाहिए या नहीं। स्कूलों में अब फिजिकल क्लास चल रही हैं, लेकिन माता-पिता अपने घर की वेशभूषा में स्कूलों में आ रहे हैं और यह आश्चर्य की बात है।'
उन्होंने कहा कि स्कूल परिसर में प्रवेश करते समय माता-पिता को एक सभ्य पोशाक पहननी चाहिए, चाहे वह कार्यालय के काम के लिए हो, ड्रॉप या पिकअप उद्देश्यों के लिए हो। उन्होंने सवाल किया, 'कई मंदिरों में बरमूडा, शॉर्ट्स जैसे कपड़े पहनने की अनुमति नहीं है फिर माता-पिता उन्हें स्कूलों में कैसे पहन सकते हैं?
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