सीएम बोम्मई ने कहा- ईश्वरप्पा फिलहाल उनके मंत्रिमंडल में बने रहेंगे, प्रारंभिक जांच के आधार पर होगी कार्रवाई
बेंगलुरू । कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने आज स्पष्ट किया कि एक ठेकेदार की आत्महत्या में कथित भूमिका को लेकर विवाद में फंसे मंत्री केएस ईश्वरप्पा फिलहाल उनके मंत्रिमंडल में बने रहेंगे। उन्होंने एनडीटीवी को दिये गए एक इंटरव्यू में बताया कि पोस्टमॉर्टम हो चुका है। प्रारंभिक जांच शुरू होने दें। प्रारंभिक जांच के आधार पर हम आगे की कार्रवाई तय करेंगे।

बता दें कि ईश्वरप्पा बोम्मई सरकार के मंत्रिमंडल में ग्रामीण विकास और पंचायत राज मंत्री हैं, जिनपर सिविल ठेकेदार संतोष पाटिल द्वारा भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया है और फिर संतोष नेकथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। मंत्री का नाम ठेकेदार के आखिरी फोन संदेशों में आया, जिन्होंने उस पर उसकी मौत के लिए "पूरी तरह से जिम्मेदार" होने का आरोप लगाया।
उन्होंने आरोप लगाया कि ईश्वरप्पा ने ग्रामीण विकास विभाग के लिए उनके द्वारा किए गए काम के लिए ₹ 4 करोड़ के बिल को मंजूरी देने के लिए "40 प्रतिशत कट मनी" की मांग की थी। वहीं विपक्षी ईश्वरप्पा के इस्तीफे की मांग कर रही है। साथ ही भाजपा और बोम्मई की सरकार पर मंत्री को बचाने का आरोप लगाया है।
यह पूछे जाने पर कि क्या आलाकमान का दबाव था - जो कथित तौर पर ईश्वरप्पा को बर्खास्त करने के लिए इच्छुक है तो सीएम बोम्मई ने एनडीटीवी से कहा, "मैं किसी दबाव में नहीं हूं। आलाकमान से कोई लेना-देना नहीं है। पूरी तरह से प्रारंभिक जांच के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।"
यह पूछे जाने पर कि क्या ईश्वरप्पा के मंत्रिमंडल में होने से निष्पक्ष जांच की गुंजाइश बचेगी तो मुख्यमंत्री ने कहा, "आप जो सोचते हैं या मुझे लगता है वह महत्वपूर्ण नहीं है। मामले का तथ्य क्या है यह महत्वपूर्ण है।" बता दें कि ईश्वरप्पा ने पद छोड़ने से इनकार कर दिया है। उन्होंने इस सप्ताह की शुरुआत में संवाददाताओं से कहा, "अगर वे मेरा इस्तीफा मांग रहे हैं, तो मैं इस्तीफा नहीं दूंगा।"
28 मार्च के एक विभाग के पत्र को जारी करते हुए, जिसमें कहा गया था कि कोई कार्य आदेश जारी नहीं किया गया था। ईश्वरप्पा ने कहा, "कोई कार्य आदेश नहीं था, इस प्रकार कट मनी का कोई सवाल ही नहीं था। (संदीप) पाटिल बिना मानदंडों के भुगतान चाहते थे। ठेकेदार के आरोपों ने राज्य में एक बड़ा राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है, जिससे सत्तारूढ़ भाजपा बैकफुट पर आ गई है। ठेकेदार ने अपने कट मनी के आरोप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजकर उनसे और मुख्यमंत्री से उनकी पत्नी और बच्चे की देखभाल करने का अनुरोध किया था।
कर्नाटक के उडुपी में ठेकेदार संतोष पाटिल की मौत से जुड़े मामले में गुरुवार को कांग्रेस ने जोरदार प्रदर्शन किया है। कांग्रेस और युवा कांग्रेस के नेताओं ने बेंगलुरू में मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के घर की ओर बढ़ने की भी कोशिश की, जिसके बाद कई नेताओं को हिरासत में लिया गया है। होटल में मृत मिले ठेकेदार संतोष पाटिल ने अपने आखिरी नोट और मैसेज में कर्नाटक सरकार में ग्रामीण विकास और पंचायती राजमंत्री केएस ईश्वरप्पा को अपनी मौत का जिम्मेदार कहा है। ऐसे में कांग्रेस की मांग है कि ईश्वरप्पा को मंत्री पद से हटाया जाए।












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