डिप्टी सीएम होकर भी डीके शिवकुमार का ही जलवा, CM सिद्दारमैया पर 1 नंबर से कैसे मारी बाजी, समझिए
Karnataka New Cabinet: कर्नाटक में मुख्यमंत्री की दौड़ में सिद्दारमैया से पिछड़ने वाले डीके शिवकुमार ने इस बार अपना दबदबा दिखा दिया है। नई कैबिनेट इसका सबूत है।

Karnataka Cabinet expansion: कर्नाटक में सिद्दारमैया सरकार की कैबिनेट का विस्तार हो गया है और मंत्रिमंडल में 24 नए मंत्री शामिल किए गए हैं। इससे पहले मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर दिल्ली में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के बीच तीन दिन तक गहरा मंथन हुआ और शुक्रवार रात को 24 विधायकों के नाम फाइनल कर दिए गए। इसके साथ ही सिद्दारमैया सरकार में मंत्रियों की संख्या बढ़कर 34 हो गई है।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, सिद्दारमैया सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार में एक बार फिर राज्य के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार का दबदबा दिखा है। दरअसल दिल्ली में कांग्रेस नेताओं के साथ चली बैठक के बाद जो 24 नाम फाइनल किए गए, उनमें सिद्दारमैया खेमे के 6 विधायकों को जगह मिली। वहीं, डीके शिवकुमार के खेमे से 7 विधायकों को मंत्री बनाया गया है। यानी सिद्दारमैया के मुकाबले डीके शिवकुमार के खेमे से एक विधायक ज्यादा है।
किस खेमे से कौन-कौन बना मंत्री
सीएम सिद्दारमैया के करीबी माने जाने वाले कृष्णा बायरेगौड़ा, के वेंकटेश, दिनेश गुंडु राव, एचसी महादेवप्पा, केएन राजन्ना और रहीम खान को मंत्री बनाया गया है। वहीं, डीके शिवकुमार के खेमे से मंत्री बनने वाले विधायकों में मधु बंगारप्पा, डी सुधाकर, चेलुवारायस्वामी, मंकल वैद्य, एमसी सुधाकर, एनएस बोसेराजू और लक्ष्मी हेब्बलकर का नाम शामिल है।
कुछ नामों पर दिखे डीके और सिद्दारमैया में मतभेद
इनके अलावा मंत्रिमंडल के लिए बाकी 11 विधायकों को खुद पार्टी नेतृत्व की तरफ से चुना गया है। इनमें कांग्रेस विधायक एचके पाटिल और ईश्वर खांद्रे का नाम शामिल है। सूत्रों की मानें तो कुछ विधायकों के नाम पर सीएम सिद्दारमैया और डीके शिवकुमार के बीच मतभेद दिखे, लेकिन तीन दिन तक चली बातचीत में मामला सुलझ गया।
आपको बता दें कि कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस को बहुमत मिलने के बाद 20 मई को सिद्दारमैया प्रदेश के मुख्यमंत्री और डीके शिवकुमार डिप्टी सीएम बने थे। इन दोनों के साथ ही 8 विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली थी।












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