उत्तर प्रदेश के बाँदा में मासूम बच्चों पर खूंखार कुत्ते ने किया हमला, 3 बच्चे हुए बुरी तरह घायल
बीते दिनों नोएडा-ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद समेत अन्य इलाकों में काफी ऐसे वीडियो वायरल हुए जिनमें दिखाई दिया कि लिफ्ट हो, पार्क हो या फिर सड़क, खतरनाक नस्ल के कुत्तों ने बच्चों, बुजुर्गों, डिलीवरी ब्वॉय समेत अन्य लोगों को अपना शिकार बनाया है। आवारा और पालतू कुत्तों के काटने की घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने भी चिंता जताते हुए कहा था कि लोगों की सुरक्षा और पशुओं के अधिकारों के बीच संतुलन बनाए रखना होगा आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के मुद्दे पर कोई समाधान निकालना होगा लेकिन उत्तर प्रदेश में फिर घर के बहार खेलते बच्चों को कुत्तों ने अपना शिकार बना लिया।

माँ पर किया था हमला
दरअसल पूरा मामला बांदा जनपद के बबेरू तहसील क्षेत्र के अंतर्गत विकासखंड कमासिन के वीरा ग्राम पंचायत के सामने हुआ। जहां पर ग्राम पंचायत बीरा में घर के सामने कुछ बच्चे खेल रहे थे कि तभी 3-4 कुत्तों ने वहां बैठी महिला पर अचानक हमला कर दिया। घबराई हुई महिला की चीख सुनकर बच्चे अपनी माँ की तरफ भागे तो कुत्तों ने बच्चो पर भी हमला कर दिया। कुत्तों ने हमले से 3 बच्चे गंभीर रूप से गयाल हो गए। घरवाले तत्काल बच्चों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे और इलाज के लिए भर्ती करवाया।

सबसे वफादार साथी के खिलाफ रोष
देश में आवारा और पेट डॉग के काटे जाने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कई घटना का सीसीटीवी फुटेज भी वायरल हुआ है। इन वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों में इन खतरनाक नस्ल के कुत्तों के प्रति रोष बढ़ता जा रहा है। खतरनाक नस्ल के कुत्तों का लोगों पर हमला करने का वीडियो जैसे-जैसे वायरल होता जा रहा है, वैसे वैसे लोग घर में पाले हुए अलग-अलग नस्ल के इन कुत्तों से पीछा छुड़ाने की कोशिश कर रहे हैं। दिन ब दिन यह समस्या बढ़ती जा रही है और अब धीरे-धीरे जो इंसान का सबसे वफादार साथी था, उसके खिलाफ इंसान के मन में एक अलग तरीके का रोष पैदा हो चुका है। यह आने वाले समाज के लिए कहीं ना कहीं एक बड़ा खतरा बनता जा रहा है. एक तरफ जहां लोगों की प्रवृत्ति खतरनाक नस्ल के कुत्ता पालने को लेकर बढ़ी है, वहीं वायरल वीडियो आने के बाद इन कुत्तों के प्रति रोष भी लोगों में उतना ही बढ़ा है।

कुत्तों की कुल संख्या 1.53 करोड़
20वीं पशु जनगणना के मुताबिक देशभर में कुत्तों की कुल संख्या 1.53 करोड़ है। सरकार ने ये जानकारी लोकसभा में एक प्रश्न के उत्तर में दी थी। इन सभी मामलों को लेकर अब देश की शीर्ष अदालत भी काफी गंभीर हो गई है। कुत्तों या आवारा पशुओं से जुड़े कानून पर हाई कोर्ट के सेवानिवृत न्यायाधीश एसआर सिंह ने कहा था कि सभी जगह नियम कानून बने हैं, जरूरत उनको कड़ाई से लागू करने की है। सिर्फ कुत्तों के बधियाकरण से समस्या खत्म नहीं होगी, इससे उनके प्रजनन पर तो रोक लगेगी लेकिन उनके काटने का खतरा खत्म नहीं होगा। कुत्ते के काटने पर मुफ्त इलाज और पीडि़त को क्षतिपूर्ति मिलनी चाहिए।












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