मणि मंजरी राय सुसाइड: नगर पंचायत के चेयरमैन सहित 6 के खिलाफ FIR दर्ज, भाई ने लगाए सनसनीखेज आरोप
बलिया। यूपी के बलिया में पीसीएस अधिकारी मणि मंजरी राय की मौत के मामले में भाजपा नेता और नगर पंचायत के चेयरमैन भीम गुप्ता सहित छह के लिए खिलाफ केस दर्ज किया है। शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज करवाते हुए पीसीएस अधिकारी के भाई विजयानंद ने नगर पंचायत के चेयरमैन भीम गुप्ता पर कई सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। एफआईआर के मुताबिक, चेयरमैन के अलावा मनियर के पूर्व ईओ, टैक्स लिपिक, कंप्यूटर आपरेटर और ड्राइवर ने मणि मंजरी पर गलत काम करने दबाव डाला। यही नहीं बल्कि हस्ताक्षर के जरिए करोड़ों रुपए का खेल किया गया।
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कमरे में पंखे से लटकता मिला था अधिकारी का शव
बलिया के मनियर नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी मणि मंजरी का शव सोमवार को उनके कमरे में पंखे से लटकता मिला था। मौके से मिले सुसाइड नोट में अधिकारी ने खुद को रणनीति के तहत फंसाए जाने की बात लिखी थी। अधिकारी के पिता ने बेटी की हत्या का आरोप लगाया था। इस मामले में क्रांगेस महासचिव प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव सहित कई नेताओं ने निष्पक्ष जांच की मांग की थी। बुधवार को इस मामले में नया मोड़ सामने आया।

चेयरमैन सहित छह के खिलाफ केस दर्ज
मणि मंजरी के भाई विजयानंद ने भाजपा नेता और नगर पंचायत के चेरयमैन भीम गुप्ता पर कई सनसनीखेज आरोप लगाते हुए नामजद तहरीर दी। चेयरमैन के अलावा मनियर के पूर्व ईओ, टैक्स लिपिक, कंप्यूटर आपरेटर और मणिमंजरी के चालक पर भी केस दर्ज किया गया है। एफआईआर के मुताबिक, नगर पंचायत अध्यक्ष भीम गुप्ता कुछ ठेकेदारों के साथ मिलकर अधिशासी अधिकारी मंजरी राय पर लगातार गलत भुगतान कराने का दबाव बना रहे थे। इन लोगों के दबाव की वजह से ही अधिशासी अधिकारी ने खुद को तीन महीने तक जिला मुख्यालय पर संबद्ध करा लिया था। दोबारा मनियर में तैनाती हुई तो फिर दबाव बनाया जाने लगा।

अधिकारी को इस तरह किया जा रहा था परेशान
एफआईआर के अनुसार, अधिशासी अधिकारी का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर शासन से पैसा भी मंगाया गया। इसमें टैक्स लिपिक विनोद सिंह और कंप्यूटर आपरेटर अखिलेश भी शामिल थे। आरोप लगाया गया है कि नगर पंचायत अध्यक्ष बिना टेंडर कराए ही दो करोड़ के 35 कार्यों को कराने का दबाव बना रहे थे। इसमें 18 काम एक ही ठेकेदार को दिया गया था। इसकी शिकायत अपर जिलाधिकारी से भी की गई थी। मनियर के पूर्व ईओ और सिकंदरपुर के वर्तमान ईओ संजय राव ने भी इसे लेकर दबाव बनाया। अधिशासी अधिकारी की गाड़ी का ड्राइवर भी उन लोगों से मिला हुआ था, जिसे अधिकारी की मौत से दो दिन पहले यानि शनिवार को ही हटा दिया था। शहर कोतवाल विपिन सिंह ने बताया कि मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। टीम बनाकर आगे की जांच की जाएगी।












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