Ballia के इस गांव में बिजली के कारण कुंवारे बैठे हैं नौजवान, आजादी के बाद से अब तक 'न तो प्रकाश है न विकास है'
प्रकाश है तो विकास है : बलिया का एक ऐसा गांव जहां आज़ादी के बाद बिजली पहुंचा ही नही और बिजली नही पहुंचने से कोई बाप अपनी बेटी की शादी इस गांव में करना ही नहीं चाहता।

भारत में अनगिनत ऐसे गांव है जहाँ की अनसुलझी कहानियां हर किसी को हैरत में डाल देती हैं। लेकिन बलिया में एक ऐसा गांव मिला जिसके बारे में सुनकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी चौक जाएंगे। दरअसल मामला कही न कहीं भाजपा की केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार से जुड़ा है। क्यों जुड़ा है, ये जानना और समझना भी बहोत जरूरी हैं क्योंकि आगे इस मामले को जानने के बाद जितनी हैरानी आप को होगी, उतना ही बड़ा झटका सरकार की सबसे बड़ी और महत्वकांक्षी योजना गाँव-गाँव बिजली को लगने वला हैं। बलिया का एक ऐसा गांव जहां आज़ादी के बाद बिजली पहुंचा ही नही और बिजली नही पहुंचने से कोई बाप अपनी बेटी की शादी इस गांव में करना ही नहीं चाहता। इस मामले के सामने आते ही सरकार की महत्वाकांक्षी योजना को बड़ा झटका लगा और कई सवाल खड़े हो गए।

यूपी की सबसे बड़ी और महत्वकांक्षी योजना 'प्रकाश है तो विकास है', लेकिन!
सीएम योगी आदित्यनाथ ने राज्य में रहने वाले गरीब परिवारों के लिए मुफ्त बिजली कनेक्शन योजना शुरू की है जिसका नाम है 'प्रकाश है तो विकास है।' इस योजना का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के सभी गांवों में बिजली पहुंचाना है। लेकिन बलिया के इस गांव में बिजली क्यों नही पहुँची ये एक बड़ा सवाल हैं। सरकार तो दावा कर रही है कि हमने अंत्योदय के हर गांव तक बिजली पहुंचाई है। तो सबसे पहले आजाद होने वाले बलिया जिले के इस गांव में आज़ादी के बाद बिजली पहुंची क्यों नही ? जिसका नतीजा अब गांव वालों को भुगतना पड़ रहा है। जहां कोई अपनी बेटी की शादी नही करना चाहता क्योंकि इस गांव में बिजली ही नही हैं।

नौजवानों को भुगतना पड़ रहा खामियाजा
बलिया जिले में एक ऐसा गांव है। जहां आज भी बिजली नहीं पहुंच पाई है,और इसका खामियाजा इस गांव के नवजवानों को भुगतना पड़ रहा है। बता दें कि हैरान कर देने वाला यह मामला बैरिया तहसील अंतर्गत बैरिया ब्लॉक के ग्रामपंचायत बिशुनपुरा के बिंद बस्ती की है। जहां बिजली नहीं आने की वजह से इस गांव में कोई अपनी लड़की की शादी भी नहीं करना चाहता है। यही नहीं रिश्तेदार भी इस गांव में आने से डरते हैं। यहां के लोग आए दिन बिजली के लिए गुहार लगाते हैं, लेकिन इनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। जिसके चलते इस गांव के बच्चे न तो ठीक से पढ़ाई कर पाते हैं और न ही कोई और काम। ऐसी स्थित में गांव का विकास कैसे होगा ये बड़ा सवाल है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों से इस बारे में शिकायत की, लेकिन उनकी पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं है। यहां लोग जैसे-तैसे सोलर बैटरी की मदद से घर में छोटी सी लाइट जलाकर रात गुजारते हैं। यही नहीं गांव में बिजली नहीं आने के चलते यहां के लड़कों से लड़कियां विवाह करने से इनकार कर देती हैं, ऐसा गांव वालों का कहना है।
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कहां गए गांव-गांव तक बिजली पहुंचाने वाले जिम्मेदार
एक तरफ भाजपा सरकार, सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की बात कर रही हैं। गांव के हर अंत्योदय घर तक बिजली पहुंचाने का दावा कर रही हैं तो फिर सरकार के दावों से किसने इस गांव को वंचित रख दिया। जिसका खामियाजा अब गांव के नौजवानों को भुगतना पड़ रहा है। कैसे होगा इस गांव का विकास, क्या सबका साथ, सबका विकास के साथ सरकार जीत पाएगी ग्रामपंचायत बिशुनपुरा के बिंद बस्ती वालों का विश्वास। इस गांव ने सरकार की पोल खोल दी हैं। अब देखना है कि इस मामले के बाद क्या ज़िम्मेदार इस गांव तक बिजली पहुंचाएंगे या यहां के नौजवानों को विकास की मुख्यधारा से वंचित रखा जाएगा। यह सवाल इसलियए भी महत्वपूर्ण है क्योकि सवाल सिर्फ शादी का नही है बल्कि गांव के उज्ज्वल भविष्य का हैं। जहां बिजली न होने से जीविका के नए साधनों को विकास के धारा से जोड़ पाना बेहद कठिन हो रहा है।












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