UP News: बहराइच मामले में नया अपडेट, शस्त्र लाइसेंस होगा निरस्त, थाने और तहसील से मांगी गई रिपोर्ट
UP News: उत्तर प्रदेश के बहराइच जनपद में हुई हिंसा को करीब दो सप्ताह बीत चुका है। अभी भी इस मामले में प्रशासन द्वारा हिंसा में शामिल आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। ताजा अपडेट है कि जिस बंदूक से रामगोपाल मिश्रा को गोली मारी गई थी।
अब प्रशासन द्वारा उस बंदूक के लाइसेंस को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि इस दंगा में शामिल मुख्य आरोपी अब्दुल हमीद के बंदूक का लाइसेंस जल्द ही निरस्त कर दिया जाएगा। इसके लिए थाने और तहसील से रिपोर्ट मांगी गई है।

हरदी थाने और तहसील से रिपोर्ट मिलने के बाद जिला प्रशासन शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई करेगा। यह भी कहा जा रहा है कि बंदूक का लाइसेंस वर्ष 1995 में जारी हुआ था। लाइसेंस जारी होने के बाद तहसील से ही उसका नवीनीकरण होता था।
साल 2010 में भी दर्ज हुआ था मुकदमा
बहराइच में हुई हिंसा के आरोपी अब्दुल हमीद के खिलाफ पुलिस को जानकारी मिली है कि साल 2010 में भी आरोपी अब्दुल हमीद के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। साल 2010 में खेत से रास्ता निर्माण के समय विवाद हुआ था।
इस दौरान अब्दुल हमीद और उसके बेटों के ऊपर असलहे से फायरिंग करने के अलावा मारपीट करने और धमकी देने सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। कहा यह भी जा रहा है कि अब्दुल हमीद पहले से ही मनबढ़ किस्म का था।
दुर्गा मूर्ति विसर्जन के दौरान हुआ था विवाद
दरअसल, बहराइच जनपद के महसी तहसील अंतर्गत महाराजगंज बाजार में 13 अक्टूबर को दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए जुलूस निकाला जा रहा था। यह जुलूस महाराजगंज में स्थित दूसरे समुदाय की बस्ती से होकर गुजर रहा था, इसी दौरान वहां डीजे पर गाना बजाने को लेकर विवाद हो गया।
आरोप है कि विवाद के बाद दूसरे समुदाय के लोगों द्वारा जुलूस में शामिल लोगों पर पत्थर बाजी की गई। इधर दूसरे समुदाय की तरफ से भी लोग आक्रोशित हो गए और फिर तोड़फोड़ करना शुरू कर दिए। यह दौरान धार्मिक झंडा हटाते समय रामगोपाल मिश्रा नामक एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।












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