शोपियां में आतंकियों से लौहा लेते हुए शहीद हुआ बागपत का लाल पिंकू कुमार, परिवार में मचा कोहराम
शोपियां में आतंकियों से लौहा लेते हुए शहीद हुआ बागपत का लाल पिंकू कुमार, परिवार में मचा कोहराम
बागपत। जम्मू-कश्मीर के शोपियां में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ हो गई। इस मुठभेड़ में आतंकियों से लोहा लेते हुए उत्तर प्रदेश के बागपत जिले का लाल पिंकू कुमार शहीद हो गए। ये मुठभेड़ शनिवार को हुई थी, जिसमें दो जवान घायल हो गए। घायल जवानों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां शनिवार की रात बागपत जिले के पिंकू कुमार ने दम तोड़ दिया। ये जानकारी कश्मीर पुलिस के आईजी विजय कुमार ने मीडिया को दी है।

वहीं, रविवार को सुबह परिजनों को पिंकू कुमार के शहीद होने की सूचना दी गई तो परिवार में कोहराम मच गया। परिवार का इस घटना से रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। उनका पार्थिव शरीर कल सुबह तक यहां पहुंचने की संभावना है जिसके बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। प्राप्त समाचार के मुताबिक, पिंकू कुमार बागपत जिले के गांव लुहारी के रहने वाले थे। उनका जन्म 1983 में हुआ था। पिंकू कुमार 2001 में सेना में भर्ती हुए थे और जाट बटालियन में तैनात थे।
कश्मीर पुलिस के आईजी विजय कुमार बता था कि हमें शोपियां के वंगाम इलाके में आतंकियों के छिपे होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद पुलिस, सेना और सीआरपीएफ ने मिलकर इलाके में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान आतंकियों ने खुद को घिरता हुआ देख फायरिंग शुरू कर दी। आतंकियों की गोलीबारी में 2 जवान गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इलाज के दौरान बागपत निवासी पिंकू कुमार ने दम तोड़ दिया। रविवार को सेना ने परिवार को इसकी जानकारी दी तो परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।
नौ महीने का एक बेटा और दो है लड़कियां
शोपियां में शहीद जवान पिंकू कुमार का एक नौ महीने का बेटा है व दो बेटीयां हैं। बड़ी बेटी आठ साल की तो छोटी बेटी पांच साल की है। पत्नी कविता का रो-रोकर हाल बेहाल है। वहीं इनके पिता जबर सिंह का कहते हैं कि बेटे की शहादत पर उन्हें गर्व है। शहीद जवान के बड़े भाई मनोज खेती का काम करते हैं।












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