'बकरे की शवयात्रा', अमरोहा में चामुंडा मां के नाम पर छोड़ा गया था, मौत के बाद किया गया अंतिम संस्कार
Latest News of Uttar Pradesh Amroha: उत्तर प्रदेश के अमरोहा जनपद में ग्रामीणों द्वारा एक बकरे का अंतिम संस्कार किया गया। बकरे का अंतिम संस्कार किए जाने का वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ है, जिसे देख कर लोग हैरान हैं।
बताया जा रहा है कि बकरे को चामुंडा मां के नाम पर छोड़ा गया था। काफी समय से बकरा गांव में लोगों के घर-घर घूमता था। गांव के रहने वाले लोगों ने बताया कि करीब 20 साल से वह गांव में ही घूमता रहता था। उसकी मौत हो जाने के बाद ग्रामीण विधि विधान से उसका अंतिम संस्कार किए।

यह पूरा मामला अमरोहा जनपद के गजरौला थाना क्षेत्र के पाल गांव का है। बताया जा रहा है कि गांव में करीब 20 साल पहले ग्रामीणों द्वारा चामुंडा मां के नाम पर ग्रामीणों ने एक बकरा छोड़ा था। ग्रामीणों का कहना है कि बकरा गांव में दिनभर घूमता था।
शाम के बाद वह चामुंडा मां के मंदिर में आकर बैठ जाता और पूरी रात वहीं रहता। 20 साल तक बकरे की यही दिनचर्या रही। ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि विद्या कोई दिनों से बकरा बीमार चल रहा था। एक दिन से तेज बुखार था जिसके चलते पशु डॉक्टर को बुलाकर ग्रामीणों ने उपचार भी कराया।
उपचार के बाद भी बकरे की हालत में सुधार नहीं हुई। उसके बाद बकरे की मौत हो गई। क्योंकि बकरा चामुंडा मां के मंदिर में ही रहता था ऐसे में बकरे को लेकर भी ग्रामीणों के अंदर काफी आस्था थी। बकरे की मौत के बाद लोगों ने उसके अंतिम संस्कार की योजना बनाई।
उसके बाद ग्रामीणों के सहयोग से उसकी अर्थी तैयार की गई और फिर बाकायदा इंसानों की तरह हो उसकी अंतिम यात्रा निकाली गई। बकरे की शवयात्रा काफी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। उसके बाद उसे लोग लेकर गंगा नदी के किनारे पहुंचे।
गंगा नदी में बकरी को स्नान करने के बाद लोगों ने नदी के किनारे ही खाली पड़ी भूमि में बकरे को दफन कर दिया। बकरे का अंतिम संस्कार किए जाने के इस मामले को लेकर आसपास के गांव में भी लोगों में इसकी खूब चर्चा हो रही है।












Click it and Unblock the Notifications