सऊदी से चार महीने बाद आई बेटे की लाश, रोती मां बोली- भइया उठो...
Amethi news, अमेठी। चार महीनों से एक मां अपने बेटे का आखिरी बार चेहरा देखने के लिए तड़प रही थी। शुक्रवार को जब सऊदी अरब से उस बेटे की बॉक्स में रखी हुई लाश घर पहुंची तो बिलखते हुए वो बस यही कह सकी, हे भइया उठो। वहां मौजूद महिलाएं उसे दिलासा देती रही। वहीं एक मुस्लिम समाज सेवी अब्दुल हक़ ने पीड़ित परिवार की मदद की जिसके लिए परिवार ने उनका धन्यवाद प्रकट किया।

23 सितम्बर को सऊदी अरब में हार्ट अटैक से हुई थी मौत
दरअसल जिले के बाजार शुकुल थाना अंतर्गत सत्थिन गांव निवासी दिनेश कुमार लगभग चार साल पहले एक घरेलू ड्राइवर के रूप में कमाने सऊदी अरब के दम्माम शहर में किसी शेख के यहां गया था। वहां 23 सितम्बर 2018 को हार्ट अटैक से उसकी मौत हो गई थी। तब से भाई मुकेश कुमार लाश को लाने के लिए दिल्ली जाकर केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, सुलतानपुर के सांसद वरूण गांधी के यहां दौड़ लगाता रहा किन्तु सफलता हासिल नहीं हुई। दिन बीत रहे थे और घर वालों का बुरा हाल हो रहा था।

मुस्लिम समाज सेवी ने नमाज़ छोड़ दिया लाश को कंधा
अब्दुल हक बताते हैं कि हमारा काम सोशल वर्क है। विदेश मंत्रालय के माध्यम से हम डेड बॉडी को मंगाते हैं। सऊदी अरब के रियाद में जो भारतीय दूतावास है, वहां के एम्बेसडर और वहां पर जो भी डेड बॉडी के काम करने वाले लोग हैं उन सभी को ये जानकारी है कि अब्दुल हक़ एक समाज सेवी हैं। फोन जाता है तो उनको बताया जाता है कि घटना फलां जगह की है। वो बताते हैं कि अब तक करीब 8-10 डेड बॉडी वो मंगा चुके हैं। जब डेड बॉडी यहां आई तो वो यहां मौजूद रहे और अंतिम संस्कार के लिए जब लाश उठी तो जुमे की नमाज़ का समय था। उन्होंने नमाज़ को छोड़ा और मानवता को आगे रखते हुए लाश को कंधा भी दिया।
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