यूपी: जानवर के बाड़े में देसी शराब बना रही महिला ने दिया हैरान करने वाला जवाब!
Ambedkar nagar news, अंबेडकरनगर। कच्ची शराब का अवैध कारोबार करने वाले शराब माफियाओं के आगे प्रशासन बौना नजर आ रहा है। जनपद के तराई इलाकों में धड़ल्ले से कच्ची शराब की भट्ठियां धधक रही हैं और आबकारी विभाग व पुलिस इन पर कार्रवाई करने के बजाय इनका संरक्षणदाता बन बैठा है। अवैध शराब के पीने से प्रदेश में हुई दर्जनों मौतों के बावजूद भी यहां प्रशासन इन शराब माफियाओं पर उंगली उठाने की हिमाकत नहीं कर पा रहा है।

क्या पुलिस यहां नहीं आती?
ये तस्वीरें जो आप देख रहें है ये अम्बेडकरनगर जिले के राजेसुल्तान पुर थाना क्षेत्र के नदी के किनारे बसे कम्हरिया इलाके की है। जहां घर-घर में देसी शराब बनाई जाती है। जब हमारी टीम इस इलाके में पहुंची तो एक जानवर के बाड़े में पहुंचे तो वहां देशी शराब बनाई जा रही थी। देसी शराब बनाने वाली ग्रामीण महिला से जब हमने पूछा कि किस तरह से शराब बना रही हो, क्या पुलिस यहां नहीं आती।

महिला ने ये दिया जवाब
उसने जो बताया उसे सुनकर हैरान रह जाएंगे। उंसने बताया कि पूरे गांव में देसी शराब बनाई जाती है और अगर पुलिस आती है तो पैसा लेकर चली जाती है। अगर आबकारी विभाग के लोग आते हैं तो चूल्हे तोड़कर चले जाते हैं। इस महिला ने ये भी बताया कि किस तरह खुले आम शाम जो देसी शराब बेची जाती है और लोग दूर-दूर से यहां देसी शराब लेने आते हैं।

वोट बहिष्कार की धमकी
जब हमने इलाके के बगल के गांवों में लोगों से बात की तो पूरे गांव की महिलाएं इस देशी शराब के विरोध में दिखी। उनका कहना है कि इस देशी शराब से इलाके का माहौल और लोग बिगड़ रहे हैं और विरोध करने पर मारने-पीटने की धमकी भी दी जाती है। उन्होंने बताया कि खुलेआम गांव में देशी शराब बनाई जाती है। पुलिस और विभाग वाले पकड़ते भी हैं तो पैसा लेकर छोड़ देते है। ग्रामीण महिलाएं देशी शराब के विरोध में 2019 के चुनाव में वोट न डालने की धमकी दे रही है। उनका कहना है अगर देश शराब यहां नहीं बंद होंगे, हम सब वोट नहीं डालेंगे। वहीं जब हमने इस मुद्दे पर अपर पुलिस अधीक्षक से बात की तो उनका कहना है कि मामला संज्ञान में आया है कार्रवाई होगी। यदि कोई पुलिस वाला इसमें शामिल होगा तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।












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