अलवर : पेयजल के लिए महिलाएं बन गईं ' वीरू', बोलीं-प्यासे मरने से अच्छा तो टंकी से कूदकर मर जाएं
अलवर। गर्मी की दस्तक देने से पहले ही पेयजल की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। अलवर शहर के धोबी घट्टा क्षेत्र के वार्ड 2 और 3 में पानी की समस्या को लेकर महिलाओं ने जलदाय विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया।
Recommended Video

छह माह से पेयजल किल्लत
दो दर्जन से अधिक महिलाओं ने पानी की टंकी पर चढ़कर पानी की मांग की। उन्होंने वार्ड पार्षदों पर आरोप लगाते हुए कहा कि विगत 6 महीनों से पानी की समस्या है। लॉकडाउन में बाहर नहीं निकले और शिकायत नहीं दर्ज कराने पर पानी की समस्या का समाधान नहीं हुआ।

डेढ़ किमी दूर से लाते पानी
घर से एक से डेढ़ किलोमीटर दूर जाकर पानी भरकर लाने को मजबूर हैं। महिलाओं ने कहां कि प्यासे मरने की बजाय तो टंकी से कूदकर मर जाएं। हालांकि डेढ़ बाद पुलिस व जलदाय विभाग के कर्मचारियों की समझाइश पर नीचे उतर गईं।

वोट मांगने को तो सब आते हैं
70 वर्षीय महिला ने बताया वोट मांगने को तो सब आते हैं, मगर पेयजल समस्या के समाधान के लिए कोई नेता नहीं आ रहा। अभी तो गर्मी शुरू भी नहीं हुई कि बूंद बूंद के लिए तरस रहे हैं।

सुबह 5 बजे उठकर पानी भरना पड़ता है
एक महिला ने जलदाय विभाग के कर्मचारियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने हमारी पानी की लाइन जमीन में दाब दी है और बड़ी कोठी वालों के दबाव में सप्लाई बंद कर दी। हमने भी बड़ी कोठी वालों की लाइन में सुराख कर पानी की पाइप लाइन जोड़ ली है। इसके लिए हमें सुबह 5 बजे उठकर पानी भरना पड़ता है।

हर कोई सिर्फ आश्वासन ही देता है
स्थानीय युवक ने बताया धोबी गट्टा क्षेत्र में एससी एसटी और ओबीसी के लोग कच्ची बस्ती में रहते हैं, जिनको केवल चाहे नेता हो चाहे जलदाय विभाग का कर्मचारी हो या प्रशासन के लोग हो हर कोई सिर्फ आश्वासन ही देता है। समस्या का समाधान नहीं करता।












Click it and Unblock the Notifications