Sher Singh jatav : आतंकियों से 'शेर' की तरह लड़ा अलवर का बेटा शेरसिंह जाटव, तिरंगे में लिपटकर आया घर
अलवर, 18 जून। श्रीनगर में शहीद हुए राजस्थान के बहादुर बेटे शेरसिंह जाटव को शुक्रवार को अंतिम विदाई दी गई। अलवर जिले के खेड़ली में उनके पैतृक गांव समूंची में उनका दाह संस्कार किया गया। बड़े बेटे उनकी चिता को मुखाग्नि दी।

बता दें कि श्रीनगर में सीआरपीएफ की 29 बटालियन में तैनात 47 वर्षीय शेरसिंह जाटव आतंकी हमले में शहीद हो गए थे। आतंकियों ने घात लगाकर सीआरपीएफ काफिले पर हमला किया। वाहन में आगे की सीट पर बैठे शेरसिंह वीरगति को प्राप्त हो गए।
गुरुवार शाम को श्रीनगर से उनकी पार्थिव देह को दिल्ली होते हुए गांव समूंची लाया गया। शुक्रवार सुबह अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा में हाथों में तिरंगा लिए मोटरसाइकिलों पर सवार युवाओं की टोली शहीद शेरसिंह अमर रहे के नारे लगाते हुए चल रही थी।
मुखग्नि से पूर्व यहां पहुंचे श्रम राज्य मंत्री टीकाराम जूली सहित सेना के जवानों की तरफ से पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें अंतिम सलामी दी गई।












Click it and Unblock the Notifications