Papla Gurjar : बंदूक से बैसाखी पर आया गैंगस्टर पपला गुर्जर की सुरक्षा में रोज 5 लाख खर्च, ड्रोन से भी निगरानी
अलवर। कभी एके-47 से पुलिसकर्मियों पर गोलियां बरसाने वाला गैंगस्टर पपला गुर्जर रिमांड पर है। हरियाणा और राजस्थान में संगीन वारदातों को अंजाम देने वाला यह गैंगस्टर इन दिनों से बंदूक से बैसाखी पर आ गया है। मतलब कि ठीक से चल भी नहीं पा रहा है। बंदूक उठाना तो दो कदम चलने के लिए बैसाखी का सहारा लेना पड़ा है।
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महिला मित्र के साथ कोल्हापुर से पकड़ा
दरअसल, राजस्थान के अलवर जिले के बहरोड़ पुलिस ने पांच सितम्बर 2019 की रात को गैंगस्टर पपला गुर्जर को पकड़ा था। अगले दिन छह सितम्बर की सुबह साथियों ने बहरोड़ पुलिस थाने पर हमला कर पपला गुर्जर को छुड़ा ले गए थे।

पपला ने 17 माह काटी फरारी
तब से करीब 17 माह बाद अब 28 जनवरी की रात दो बजे राजस्थान पुलिस ने पपला गुर्जर को महाराष्ट्र के कोल्हापुर से उसकी महिला मित्र जिया के साथ पकड़कर अलवर लाई है। कोल्हापुर में पुलिस कार्रवाई के दौरान पपला के पैर में चोट लग गई थी, जिसकी वजह से उसे चलने में दिक्कत हो रही है।

पहले व्हीलचेयर पर, फिर बैसाखी
पुलिस पपला गुर्जर को कोल्हापुर से पकड़कर लाई उसे व्हीलचेयर पर बैठाना पड़ा था। फिर अहमदाबाद एयरपोर्ट होते हुए उसे विमान से राजस्थान लाया था। शुरुआत में पपला को दो दिन न्यायिक हिरासत में फिर शनिवार को दुबारा न्यायालय में पेश किया तब वह बैसाखी के सहारे पहुंचा था। अब 11 दिन के पुलिस रिमांड पर है।

राजस्थान में पहली बार गैंगस्टर की ड्रोन से निगरानी
पपला गुर्जर पूर्व में दो बार पुलिस हिरासत से फरार हो चुका है। ऐसे में पुलिस अब उसकी कई स्तर से सुरक्षा कर रही है। उसे अलवर जिले के नीमराणा पुलिस थाने में रखा गया है। ड्रोन से भी निगरानी रखी जा रही है। राजस्थान में यह पहली बार है जब किसी गैंगस्टर की सुरक्षा में 24 घंटे दो किलोमीटर के दायरे में ड्रोन से निगरानी रखी जा रही है।

200 जवान सुरक्षा में तैनात
पपला गुर्जर की सुरक्षा के प्रभारी एएसपी राजेंद्र सिंह सिसोदिया ने मीडिया से बातचीत में बताया कि पपला गुर्जर की सुरक्षा में करीब दो सौ कमांडो व पुलिस जवान नीमराना पुलिस थाने के आस-पास तैनात किए गए हैं। पपला की सुरक्षा पर रोजाना करीब पांच लाख रुपए खर्च हो रहे हैं।












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