Alwar Mob lynching : पहलू खान मामले में दोबारा होगी जांच, राजस्थान सरकार ने कोर्ट में बताई यह वजह
अलवर। राजस्थान के बहुचर्चित अलवर मॉब लिंचिंग मामले में बड़ी खबर आई है। अब राजस्थान सरकार इस मामले की फिर से जांच करवाएगी। यह मामला पिछले दिनों पहलू खान व उसके बेटों के खिलाफ राजस्थान पुलिस की ओर से चार्जशीट पेश किए जाने के बाद फिर से चर्चा में था।

बता दें कि अलवर जिले के बहरोड़ में एक अप्रैल 2017 को गोतस्करी के आरोप में उन्मादी भीड़ की हिंसा (मॉब लिंचिग) में व्यापारी पहलू खान मारा गया था। दो साल बाद इस मामले में 24 मई 2019 को पहलू खान, उसके दोनों बेटों व ड्राइवर को आरबीए 5, 8 व 9 में आरोपी बनाकर चार्जशीट पेश की गई।

पहले ही संकेत दे चुके थे सीएम गहलोत
अलवर मॉब लिंचिंग मामले में चार्जशीट पेश किए जाने पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा भी था कि अलवर मॉब लिंचिंग की घटना भाजपा सरकार के समय की है। इसकी जांच में कोई गड़बड़ी मिलने पर फिर से जांच करवाई जाएगी। अब इस मामले में राजस्थान सरकार की तरफ से बहरोड़ एसीजेएम कोर्ट में कुछ बिंदुओं की दुबारा जांच किए जाने के सम्बंध में एक पत्र दिया गया है।

पुन: जांच का कोई औचित्य नहीं-ज्ञानदेव आहुजा
भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष ज्ञान देव आहूजा ने कहा कि गहलोत सरकार का न्यायपालिका पर भरोसा उठ गया है। पुनः जांच का कोई औचित्य नहीं है। गहलोत सरकार सिर्फ वोटों की राजनीति के तहत यह काम कर रही है। आहूजा ने यह भी कहा कि पहलू खान और उनके बेटों पर पहले भी मुकदमे दर्ज हैं। पहले भी पुलिस ने जांच की। अब फिर पुलिस जांच करेगी।

जांच होगी या नहीं, फैसला आना बाकी
बहरोड़ के एडवोकेट हुकमचन्द ने बताया कि चार्जशीट पेश होने के बाद पहलू खान के बेटों की तरफ से एक प्रार्थना पत्र देकर उनके पास रवन्ने थे सहित कुछ बिंदुओं पर पुनः जांच की मांग की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। अब सरकार की तरफ से पहलू खान परिवार का हवाला देते हुए कुछ बिंदुओं पर दोबारा जांच करने की आवश्यकता बताते हुए अदालत में एक प्रार्थना पत्र पेश किया है, हालांकि इसका अभी फैसला आना बाकी है कि कोर्ट इसे स्वीकार करती है या नहीं।












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