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क्यों लगी इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में अखिलेश के कार्यक्रम पर रोक, जानिए इसकी असली वजह

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Prayagraj news, प्रयागराज। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में अखिलेश यादव के कार्यक्रम को रद्द करने के बाद शहर का माहौल बिगड़ गया। सपा के हजारों कार्यकर्ता योगी सरकार के विरोध में सड़क पर उतर आए और जगह-जगह जमकर तोड़फोड़ के साथ नारेबाजी की गई। शहर के बालसन चौराहे पर बवाल बढ़ने के बाद पुलिस से सपाइयों की झड़प भी हुई। जिसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर सपाइयों को पीछे धकेला। इस दौरान भगदड़ मची, जिसमें कई सपा कार्यकर्ताओं को चोट भी आ गई है। दूसरी ओर, इलाहाबाद यूनिवर्सिटी परिसर का माहौल पूरी तरह से बिगड़ गया है और सभी शैक्षणिक कार्य अगले आदेश तक स्थगित कर दिए गए हैं। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से लेकर यूनिवर्सिटी रोड, कटरा, बालसन पर भारी फोर्स तैनात कर दी गई है। जबकि बालसन चौराहे पर बवाल बढ़ने से रोकने के लिए पूरे जिले की फोर्स बुला ली गई है।

क्या हो रहा है शहर में

क्या हो रहा है शहर में

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अखिलेश यादव लखनऊ से प्रयाग राज आ रहे थे । लेकिन सोमवार की देर शाम ही अखिलेश यादव के कार्यक्रम पर रोक लगा दी गई थी। जिला प्रशासन और यूनिवर्सिटी ने उनके कार्यक्रम पर रोक लगा दी थी। लेकिन, समाजवादी छात्रसभा के तमाम छात्रनेता उनके कार्यक्रम को लेकर अड़े हुए थे। इसी बीच लखनऊ एयरपोर्ट पर खुद को रोके जाने का ट्वीट अखिलेश यादव ने किया जिसके बाद सपाइयों का रिएक्शन शुरू हो गया।

पुलिस ने किया लाठीचार्ज

पुलिस ने किया लाठीचार्ज

आक्रोशित कार्यकताओं ने बालसन चौराहे पर सरकारी होर्डिंग तोड़नी शुरू कर दी और जब पुलिस ने बवाल रोकने का प्रयास किया तो हाथापाई और झड़प भी शुरू हो गई। सपा कार्यकर्ताओं ने बालसन चौराहे पर बवाल को बढ़ाया और चक्का जाम करते हुए तोड़फोड़ जारी रखी जिससे निपटने के लिए पुलिस ने सपाइयों पर लाठीचार्ज कर दिया जिससे बालसन चौराहे पर भगदड़ मच गई पुलिस के लाठी चार्ज के विरोध में सपाइयों ने भी पुलिस टीम पर पथराव कर दिया जिससे दर्जनों गाड़ियों के शीशे टूट गए इस दौरान सांसद धर्मेंद्र यादव समेत कई लोगों को चोटें भी आई हैं।

टकराव के पीछे की वजह

टकराव के पीछे की वजह

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में इससे पहले भी इसी तरीके के राजनैतिक टकराहट का दृश्य तब उपजा था जब तत्कालीन गोरखपुर के सांसद योगी आदित्यनाथ यूनिवर्सिटी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए इलाहाबाद आ रहे थे। लेकिन, उस दरमियान छात्रसंघ अध्यक्ष ऋचा सिंह ने योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था और पुलिस प्रशासन से टकराहट के बाद आखिरकार योगी आदित्यनाथ का दौरा रद्द कर दिया गया था । कुछ इसी तरह इस बार भी माहौल नजर आया है । हालांकि इस बार निजाम बदला हुआ था और मुख्यमंत्री की कुर्सी पर योगी आदित्यनाथ थे और कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अखिलेश यादव को इलाहाबाद यूनिवर्सिटी आना था।

पहले योगी, इस बार अखिलेश

पहले योगी, इस बार अखिलेश

इस बार सपा कार्यकर्ताओं की सपाइयों की ओर से अखिलेश यादव को बुलाया गया था जिसके विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के महामंत्री ने मोर्चा खोल दिया। टकराहट की स्थिति इतनी बढ़ी कि 1 दिन पहले ही अखिलेश यादव के कार्यक्रम पर रोक लगा दी गई थी । फिलहाल इस बवाल के साथ ही समाजवादी छात्र सभा वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की टकराहट पूरी तरह से सतह पर आ गई है और बिगड़े माहौल को सम्भालने व शैक्षणिक व्यवस्था को लागू करने में यूनिवर्सिटी प्रशासन को भी खासी मशक्कत का सामना करना पड़ेगा।

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English summary
Why Akhilesh Yadav stopped to go in Allahabad University
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