अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती मनाने पर भड़की प्रधानाध्यापक, भाजपा विधायक के लिए बुला ली पुलिस

हेडमास्टर कल्पना त्यागी विधायक पर भड़क गईं और उन्हें आड़े हाथ लेते हुए कहने लगीं कि "आपने मुझसे परमिशन नहीं ली, फिर आप स्कूल कैंपस में कार्यक्रम कैसे कर रहे हैं? हेडमास्टर का गुस्सा देखकर विधायक सहम गए।

UP headmaster suspended for opposing tribute event for Atal Bihari Vajpayee on school premises

प्रयागराज में सरकारी स्कूल के कैंपस में बिना अनुमति अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती मनाने पर महिला हेडमास्टर भाजपा विधायक पर भड़क गईं। कार्यक्रम के बीच में स्कूल पहुंची हेडमास्टर ने विधायक से कहा, "आप बिना मेरी अनुमति मेरे स्कूल में कैसे कार्यक्रम करा रहे हैं?" हेडमास्टर का गुस्सा देखकर विधायक सहम गए। हाथ जोड़कर उन्हें समझाने की कोशिश की। लेकिन, हेडमास्टर ने उनकी एक नहीं सुनीं और पुलिस बुला ली। वहीं हंगामा बढ़ता देख विधायक ने डीएम संजय खत्री को फोन कर मामले की जानकारी दी। डीएम ने बेसिक शिक्षा अधिकारी यानी बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी को मौके पर भेजा और तत्काल प्रभाव से महिला हेडमास्टर को सस्पेंड कर दिया।

अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती मानना पड़ा भारी

अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती मानना पड़ा भारी

दरअसल, यूपी के प्रयागराज में रविवार को भारत के तीन बार के प्रधानमंत्री रहे अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर अरैल के पंचायत भवन में कार्यक्रम रखा गया था। पंचायत भवन से सटा उच्च प्राथमिक स्कूल है। दोनों का ग्राउंड एक ही है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भाजपा विधायक पीयूष रंजन निषाद थे। कार्यक्रम चल ही रहा था कि इसी बीच स्कूल की हेडमास्टर कल्पना त्यागी वहां पहुंच गईं। हेडमास्टर कल्पना त्यागी विधायक पर भड़क गईं और उन्हें आड़े हाथ लेते हुए कहने लगीं कि "आपने मुझसे परमिशन नहीं ली, फिर आप स्कूल कैंपस में कार्यक्रम कैसे कर रहे हैं? इस पर विधायक पीयूष रंजन निषाद ने उन्हें समझाया कि आज रविवार का दिन है। यह कार्यक्रम पंचायत भवन में हो रहा है। इसलिए अनुमति लेने की जरूरत नहीं थी। इस पर महिला हेडमास्टर और ज्यादा भड़क गई। इसके बाद वह कार्यक्रम बंद करने की जिद पर अड़ गईं।
इसके चलते कार्यक्रम में अटल बिहारी वाजपेयी की कविता "हार नहीं मानूंगा, रार नहीं ठानूंगा" का वाचन भी रोकना पड़ गया। विधायक समझाने का प्रयास करते रहे और कहते रहे कि कार्यक्रम होने दीजिए। लेकिन उन्होंने उनकी एक न सुनी और पुलिस बुला ली।

करना है तो कर दो ससपेंड - हेडमास्टर

करना है तो कर दो ससपेंड - हेडमास्टर

हंगामे के बीच महिला हेडमास्टर से कार्यकर्ता ने कहा कि आप जो कर रही हैं, वह ठीक नहीं है। आपको सस्पेंड होने में देर नहीं लगेगी। इस पर वह और भड़क गईं। कहा कि मेरी सुनिए, ब्रह्मा कोई नहीं है। सस्पेंड कराकर मेरी जान नहीं ले लेंगे। हमारी रोटी यहीं से नहीं चलती। इस पर विधायक ने कहा कि आप गलत बोल रही हैं। फिर विधायक को रोकते हुए हेडमास्टर ने कहा कि मैं सही बात बोलती हूं, इसीलिए आपकी नजर में गलत हूं।
विधायक ने कहा कि यह किसी का पर्सनल काम नहीं है। यहां अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती मनाई जा रही है, जो देश के पूर्व प्रधानमंत्री रहे हैं। इस पर हेडमास्टर ने कहा कि आपको मुझे सूचना तो देनी चाहिए थी। मंच से यही बोल दिए होते कि मैडम आप भी बैठ जाइए। आपको सूचना देना भूल गए। माफी मांग लेते। मैं प्रिंसिपल हूं यहां की। क्या मेरा कोई औचित्य ही नहीं है?

आरएसएस से जुड़ा होने का किया दावा

आरएसएस से जुड़ा होने का किया दावा

महिला हेडमास्टर के इस बर्ताव से कार्यक्रम में मौजूद लोग नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि आप महिला होने का नाजायज फायदा उठा रही हैं। इस पर हेडमास्टर ने कहा कि मुझे बस एक सूचना चाहिए थी। मैं गलत नहीं हूं। महिला हेडमास्टर यहीं नहीं रुकीं। उन्होंने कहा कि मैं आरएसएस की और राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की ब्लॉक संयोजक हूं।
मुझे छूना बिल्कुल नहीं, मार दूंगी लापा : हेडमास्टर
यही नहीं बल्कि जब एक बुजुर्ग कार्यकर्ताओं ने उन्हें वहां से हटने को कहा तो हेडमास्टर ने कहा कि मुझे छूना नहीं, मार दूंगी लापा। बस आपकी उम्र का लिहाज कर रही हूं। इसी बीच भीड़ में से गेरुआ वस्त्र पहने एक बुजुर्ग आए और बोले 'बेटी इस साधु की बात मान लो और यहां से चली जाओ।' इस पर कल्पना और भड़क गईं। वह कहने लगीं 'मुझसे बड़ा साधु कोई नहीं है। मैं गृहस्थ साधु हूं। गृहस्थ साधु से बड़ा कोई साधु नहीं होता है।'

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    विधायक ने भी पेश की अपनी सफाई

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    वहीं विधायक पीयूष रंजन निषाद का कहना है कि अरैल के पंचायत भवन में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती का कार्यक्रम था। बगल में स्कूल है। स्कूल की प्रिंसिपल ने इसका विरोध किया। साथ ही बदसलूकी भी की। काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं मानी।
    दूसरी ओर बीएसए प्रवीण कुमार तिवारी का कहना है कि शुरुआती जांच में कार्यवाहक प्रिंसिपल कल्पना त्यागी की गलती पाई गई है। लिहाजा, उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। उनके कार्य व्यवहार की जांच की जा रही है। हालांकि मामले मे हेडमास्टर कल्पना त्यागी से उनका पक्ष जानने के लिए फोन किया तो उनका फोन नहीं उठा।

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