Umesh Pal murder case: माफियाओं को मिट्टी में मिलाना जारी, अतीक के करीबी सफदर अली का मकान बना खंडर
Umesh Pal murder case: बुधवार को अतीक के करीबी जफर अहमद के अवैध निर्माण को जमींदोज किया गया। तो वहीं, आज अतीक के करीबी सफदर अली के राजरूपपुर स्थित दो मंजिला मकान को ध्वस्त कर दिया गया।

प्रयागराज में हुए उमेश पाल हत्याकांड के बाद से ही यूपी पुलिस जबरदस्त एक्शन मोड़ में है। योगी आदित्यनाथ द्वारा माफिया को मिट्टी में मिलाने की शपथ लेने के बाद से ही, अतीक अहमद का या तो कोई गुर्गा एनकाउंटर में ढेर कर दिया जा रहा है या फिर उनकी अवैध संपत्ति पर बाबा का बुलडोज़र अपना कहर बरपा रहा है।
जिसके चलते बुधवार को अतीक के करीबी जफर अहमद के अवैध निर्माण को जमींदोज किया गया। तो वहीं, आज अतीक के करीबी सफदर अली के राजरूपपुर स्थित दो मंजिला मकान को ध्वस्त कर दिया गया। वहीं प्रयागराज विकास प्राधिकरण द्वारा की जा रही कार्यवाही के बीच एक अज्ञात महिला ने आकर जमकर हंगामा भी काटा।

हत्याकांड को अंजाम देने के बाद शूटरों ने यहां गुजारी थी रात
बता दें कि पुलिस को सफदर अली का कोई क्रिमिनल रिकार्ड नहीं मिला है, लेकिन जांच में सामने आया है कि उमेश पाल हत्याकांड को अंजाम देने के बाद शूटरों ने यहां रात गुजारी थी। जिसके चलते सफदर अली को मकान के ध्वतीकरण के संबंध में पीडीए ने नोटिस भी दिया था। उनका कहना था कि इसका मकान नक्शा पास कराए बिना ही बनाया गया है। इसी कारण प्रयागराज विकास प्राधिकरण मकान गिरवा रहा है। मकान को ध्वस्त करने से पहले सारा सामान बाहर निकाल लिया गया है। बिजली का कनेक्शन भी काट दिया गया।

सफदर अपनी बंदूक की दुकान से देते थे बिना लाईसेंस असलहा
जिसके बाद पीडीए ने अतीक अहमद के करीबी सफदर के आलीशान मकान को बुलडोज़र चला कर ध्वस्त करा दिया। बता दें कि 60 फिट रोड पर अतीक के करीबी सफदर की जानसन गंज में बंदूक की दुकान है। उस पर यह भी आरोप है कि सफदर अतीक को बिना लाईसेंस के असलहा देते थे और कोर्ट के आदेश के बाद अतीक के 3 असलहे इन्ही की दुकान में जमा थे। आज जब पीडीए की टीम पहुँची तो सफदर के परिवार को ध्वस्तीकरण की कोई जानकारी नही थी आनन फानन में पीडीए ने घर का सामान निकलवाया और फिर ध्वस्तीकरण की कार्यवाही शुरू की। वहीं सफदर के परिवार का कहना है कि उनका अतीक से कोई ज़्यादा मतलब नही है, लेकिन फिर भी उनका मकान गिराया ज रहा है।

जो मकान चकिया में गिराया गया, वो बेनामी संपत्ति नही - एडवोकेट
आपको बता दें कि बुधवार को अतीक के करीबी जफर अहमद के जिस मकान को बाबा का बुलडोज़र मिट्टी में मिला चुका है, उसके बचाव में अतीक अहमद के वकील खान सौलत हनीफ ने एक विज्ञप्ति जारी की है। जिसमे उसने प्रशासन पर गलत कार्यवाही का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि आज जो मकान चकिया में गिराया गया है, वो बेनामी संपत्ति नही है। बल्कि ये मकान श्री ज़फ़र अहमद खान पुत्र श्री मोहम्मद हबीब खान एडवोकेट निवासी बांदा द्वारा 7 जनवरी 2021 को अपने धन से खरीदा गया था।
Recommended Video

एएनआई (ANI ) के रिपोर्टर हैं जफर अहमद खान
उसका कहना है कि इस मकान के ठीक सामने श्रीमती शाइस्ता परवीन का मायका है। अतीक अहमद का चकिया स्थित मकान गिरने के बाद वो अपने मायके में ही रह रही थी। वहीं ज़फ़र अहमद द्वारा इस मकान को खरीदे जाने के बाद श्रीमती शाइस्ता परवीन ने जफर अहमद से इस मकान को किराए पर ले लिया था। वो और उनका परिवार इसी मकान में वर्ष 2021 से रह रहा था। मकान में बिजली का कनेक्शन भी मकान मालिक के अनापत्ति पर शाइस्ता परवीन के नाम से लगा है। उसका कहना है कि जफर अहमद खान जो बांदा में एएनआई (ANI ) के रिपोर्टर हैं, उनकी स्वर्जित आय से लिया गया है। साथ ही उन्हे बिना किसी नोटिस के अवैध तरीके से ये ध्वस्तीकरण किया गया है।

अन्य करीबियों का मकान भी बुलडोज़र की जद में
आपको बताते चलें कि उमेश पाल हत्या कांड के बाद पुलिस के साथ पीडीए ने भी अतीक से जुड़े भू माफिया और प्रापर्टी डीलरों की लिस्ट बनाई है जिस पर कार्यवाही भी शुरू कर दी गई है आने वाले दिनों में अतीक के अन्य करीबियों का मकान भी बुलडोज़र की जद में आना तय माना जा रहा है।












Click it and Unblock the Notifications