आधी रात को अस्पताल में नर्स से छेड़खानी करने वाला डॉक्टर निलंबित, पुलिस ने दर्ज किया पीड़िता का बयान
Prayagraj news, प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज स्थित मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में डॉक्टर द्वारा नर्स के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाने का प्रयास व छेड़खानी मामले में कार्रवाई का क्रम शुरू हो गया है। मेडिकल कालेज के प्राचार्य ने आरोपी डॉक्टर राघवेंद्र के काम काज पर रोक लगा दी है, साथ ही अपने कार्यायल से सम्बद्ध करते हुए निलंबित कर दिया है। पुलिस ने आरोपी डॉक्टर राघवेंद्र के खिलाफ मुकदमा लिखकर नर्स का बयान भी दर्ज कर लिया है। हालांकि, अभी तक कोई कानूनी कार्रवाई डॉक्टर के खिलाफ नहीं की जा सकी है, जिससे नर्स यूनियन का गुस्सा बरकरार है। वहीं, इस मामले में प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डॉ.रजनीश दुबे ने घटना के बावत पूरी रिपोर्ट मांगी है, जिससे इस मामले में अब अस्पताल प्रशासन कोई लापरवाही नहीं करना चाह रहा है।

क्या है मामला
पुलिस के अनुसार अल्लापुर की रहने वाली महिला एसआरएन अस्पताल में स्टाफ नर्स है। उसने अस्पताल के जूनियर डॉक्टर राघवेंद्र पर अश्लील हरकत करने व धमकाने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट के मुताबिक, 29 मई को अस्पताल के ट्रामा सेंटर की इमरजेंसी ओटी में रात 12 बजे तक सर्जरी का कार्य चल रहा था। सर्जरी हो जाने के बाद सर्जरी करने वाले डॉक्टर व अन्य स्टॉफ ने ड्यूटी रूम में खाना खाया। धीरे-धीरे ड्यूटी खत्म होने के साथ एक एक कर जूनियर डॉक्टर जाने लगे और रात करीब डेढ़ बजे जूनियर डॉक्टरों की पूरी टीम चली गई। इसी दौरान एनेस्थीसिया विभाग के डॉक्टर राघवेंद्र ने पीड़ित नर्स को अपने पास ट्रामा सेंटर में बुलाया। नर्स पास पहुंची तो उसे पास में बैठाकर डॉक्टर ने उसे गलत तरीके से छूना शुरू किया।
शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया
नर्स को जब डॉक्टर की हरकत अजीब लगी तो कड़े शब्दों उसने डॉक्टर को हाथ हटाने को कहा। डॉक्टर ने नर्स को अपने हाथों में जकड़ लिया और शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव डालने लगा। नर्स के विरोध पर डॉक्टर ने जबरदस्ती शुरू कर दी। खुद को बचाने के लिए नर्स डॉक्टर से भिड़ गई और खुद को किसी तरह से बचाकर बाहर की ओर भागी। घटना के दौरान ड्यूटी पर तैनात वॉर्ड ब्वॉय और दो अन्य कर्मचारी के पास भागकर नर्स पहुंच गई। इस दौरान डॉक्टर नर्स को धमकी देता रहा।
भेजा अश्लील वीडियो
नर्स से छेड़छाड व अपने मनसूबे में कामयाब न होने के बाद डॉक्टर ने अपनी करतूत को जारी रखा और नर्स के व्हॉट्एप नंबर पर अश्लील वीडियो भेजा शुरू कर दिया। गंदे व अश्लील वीडियो भेजकर डॉक्टर नर्स को खुद के साथ संबंध बनाने के लिए दबाव बनाता रहा। रात होने के कारण व शोर मचाने पर बदनामी के डर से नर्स डॉक्टर की घिनौनी हरकतों पर चुप रही और सुबह होने व अपने साथियों के आने का इंतजार करती रही। पुलिस ने इस मामले में पीड़िता का बयान दर्ज किया और साथ ही मौका मुआयना भी किया। इस दौरान पीड़िता ने पुलिस को कॉल हिस्ट्री व मैसेज का स्क्रीन शॉट भी सौंप दिया है। अब पीड़िता का कोर्ट में बयान कराया जाएगा।
सुबह हुआ हंगामा
रात गुजरने के बाद सुबह जब स्टाफ नर्सों के ड्यूटी पर पहुंचने का क्रम शुरू हुआ तो पीड़ित नर्स ने रात की घटना बताकर मदद मांगी। देखते ही देखते यह खबर पूरे अस्तपाल में फैल गई और आक्रोशित नर्स एकत्रित होने लगीं। थोड़ी ही देर में नर्सिंग एसोसिएशन की अध्यक्ष साफिया खातून की अगुवाई में स्टाफ नर्सों ने हड़ताल का ऐलान कर दिया, जिससे हड़कंप मच गया। मामला मेडिकल कालेज के प्राचार्य मेडिकल एसपी सिंह तक पहुंचा तो आनन-फानन में उन्होंने नर्सों को समझा बुझाकर काम पर लौटने को कहा साथ ही इस पूरे मामले की जांच के लिए 6 सदस्यीय कमेटी गठित कर एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी है। प्राचार्य ने विभागीय व कानूनी कार्रवाई का आश्वासन देकर स्टाफ नर्सों को काम पर वापस भेजा। वहीं, अब इस मामले में आरोपी डॉक्टर को काम करने से रोक दिया गया है और प्राचार्य कार्यालय से संबंध करते हुए निलंबित कर दिया गया है।
पीएमओ तक भेजी शिकायत
इस मामले को खत्म करने के लिए नर्सों पर उपर से दबाव भी बनाया गया तो मामले की शिकायत पुलिस से करने के साथ पीएमओ तक पत्र भेजा गया है। नर्सिंग एसोसिएशन की अध्यक्ष साफिया खातून ने बताया कि इतने खराब माहौल के बीच हम काम कैसे कर पाऐंगे। यहां स्टाफ ही हमारे लिए नरभक्षी बने हुए हैं। इस मामले में कार्रवाई के लिए पीएम, सीएम, चिकित्सा शिक्षा मंत्री, महिला आयोग, डीएम, एसएसपी समेत अन्य विभागीय अफसरों को शिकायती पत्र भेजा गया है। साथ ही आरोपी डॉक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। अगर सख्त और कानूनी कार्रवाई नहीं हुई तो हम काम बंद कर न्याय मांगने पर मजबूर होंगे।












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