• search
इलाहाबाद / प्रयागराज न्यूज़ के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  

आचार संहिता उल्लंघन के पांच मामलों में आजम को मिली राहत, नहीं होगी गिरफ्तारी

|

Prayagraj News, प्रयागराज। समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता व पूर्व कैबिनेट मंत्री मो. आजम खान को इलाहाबाद हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। दरअसल, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने आजम खां के खिलाफ दर्ज आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के पांच मामलों में गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने राज्य सरकार से याचिका पर चार हफ्ते में जवाब मांगा था। जिसपर राज्य सरकार ने खुद ही कहा कि वह फिलहाल आजम को गिरफ्तार नहीं करेगी।

भडकाऊ भाषण देने पर दर्ज हुए थे मुकदमें

भडकाऊ भाषण देने पर दर्ज हुए थे मुकदमें

जिला प्रशासन ने विवादित व भडकाऊ भाषण देने पर आजम खान के खिलाफ अलग-अलग 5 मुकदमें दर्ज किये थे। इन मुकदमों में गिरफ्तारी की तलवार आजम खान पर लटक रही थी। हालांकि आजम ने हाईकोर्ट की शरण ली और अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की। जिस पर हाईकोर्ट ने आजम खान को बड़ी राहत देते हुये गिरफ्तारी पर तो रोक लगा दी है, साथ ही मुकदमों पर सरकार का रूख जानने के लिये नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। गौरतलब है कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हाल ही में आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम की भी गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी और बेटे के बाद अब पिता की भी गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है।

क्या है मामला

क्या है मामला

लोकसभा चुनाव के दौरान रामपुर में चुनाव प्रचार कर रहे आजम खान इस बार बेहद ही आक्रमक और विवादो में रहे। अपने भाषणों के दौरान कई बार 'अमर्यादित' भाषा का इस्तेमाल करने व आपत्तिजनक बातें कहने के कई मामले खूब सुर्खियों में रहे। इन आरोपों समेत जनता को भड़काने आदि के मामलों में उन पर रामपुर में पांच अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराए हैं। जिन पर प्रशासन कार्रवाई करने के मूड में नहीं था। लेनिक, अपने खिलाफ दर्ज मुकदमों को पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में चैलेंज किया और गिरफ्तारी पर रोक लगाने समेत मुकदमा रद्द करने की मांग की है।

4 सप्ताह में दाखिल करना है जवाब

4 सप्ताह में दाखिल करना है जवाब

इलाहाबाद हाईकोर्ट में आजम खान की ओर से दाखिल याचिका पर न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर तथा न्यायमूर्ति राजवीर सिंह की खंडपीठ ने सुनवाई की। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि रामपुर जिला प्रशासन चुनाव से पहले ही उनपर दबाव बनाकर परेशान कर रहा है। आजम खान ने अपनी पुरानी अपील व हाईकोर्ट के निर्णय का भी जिक्र याचिका में किया और अपने ऊपर दर्ज मुकदमों की वैधानिकता पर सवाल उठाये। मामले में हाईकोर्ट ने इन मुकदमों पर सरकार का भी पक्ष जानना चाहा और योगी सरकार को 4 सप्ताह में हाईकोर्ट में इस याचिका के बावत अपना जवाब दाखिल कर अपना रूख स्पष्ट करने के लिए कहा।

योगी सरकार ने कहा नहीं करेंगे गिरफ्तारी

योगी सरकार ने कहा नहीं करेंगे गिरफ्तारी

इलाहाबाद हाईकोर्ट में आजम खान की याचिका पर जवाब देने के लिये सरकार की ओर से हाजिर हुये अपर शासकीय अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि आजम पर चल रहे मुकदमे में विवेचना जारी है। लेकिन, विवेचनाधिकारी आजम खां को गिरफ्तार नहीं करेंगे। सरकारी की ओर जवाब दाखिल करने के लिये उन्हे और वक्त दिया जाना चाहिये। हाईकोर्ट ने सरकारी वकील की दलील पर उन्हे चार सप्ताह के अंदर जवाब दाखिल करने को कहा है।

ये भी पढ़ें:- रामपुर सीट पर क्या हैं जीत-हार के पुराने सियासी आंकड़े

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

इलाहाबाद की जंग, आंकड़ों की जुबानी
जनसंख्‍या के आंकड़े
जनसंख्‍या
23,75,405
जनसंख्‍या
  • ग्रामीण
    76.59%
    ग्रामीण
  • शहरी
    23.41%
    शहरी
  • एससी
    22.22%
    एससी
  • एसटी
    0.27%
    एसटी

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
sp leader azam khan got relief from high court in the code of conduct case
For Daily Alerts

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more