प्रयागराज में बनेगा 10 किमी लंबा सिक्स लेन पुल, किसानों को 80 लाख रुपए प्रति हेक्टेयर मुआवजा देगी सरकार
इलाहाबाद/प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के कायाकल्प में जुटी केंद्र की मोदी सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है। किसानों की अधिगृहित होनी वाली जमीनों को सरकारी सर्किल रेट से चार गुना अधिक दाम का मुआवजा दिया जा रहा है। इसके लिये सरकार की ओर से नोटीफिकेशन जारी कर दिया गया है। जिसके अनुसार फाफामऊ सिक्स लेन पुल के लिये किसानों से ली जा रही भूमि के बदले उन्हें 80 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से मुआवजा दिया जायेगा।

10 किमी का पुल और 2 हजार करोड़ की लागत
प्रयागराज में बनने जा रहा नया पुल कई माइनों में खास होगा और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का यह प्रोजेक्ट दुनिया के सबसे बेहतरीन पुलों के लिये भी नमूना बनेगा। सूबे का यह पहले एक्स्ट्रा डोज (केबल व बॉक्स मिलाकर) पुल निर्मित किया जायेगा। इस पुल के लिये सरकार ने 1948.25 करोड़ रुपये मंजूर कर दिये हैं। इस पुल की खासियत इसकी लंबाई भी है। दरअसल यह विशेष पुल लगभग 9.9 किमी लंबा होगा और सिक्स लेन होगा। इस पुल से जाम व ट्रैफिक की समया से जूझ रहे एनएच-96 पर पुराने फाफामउ पुल को बहुत अधिक राहत मिल जायेगी। साथ ही भयंकर भीड़ व सड़क दुर्घटना से भी निजात मिलेगा। इस पुल का सबसे खास उपयोग प्रयागराज में लगने वाले कुंभ मेला के दौरान होगा जो राष्ट्रीय राजमार्ग-27 और राष्ट्रीय राजमार्ग-76 और राष्ट्रीय राजमार्ग-96 के ट्रैफिक को प्रयागराज शहर से आने जाने का बेहतरीन विकल्प देगा। इससे मध्य प्रदेश, लखनऊ व फैजाबाद राजमार्ग के यातायात को संजीवनी मिल जायेगी। भीड़ को नियंत्रित करने व शहर की भीड़ को बाहर निकालने के लिये इस पुल का विशेष तौर पर प्रयोग किया जायेगा।
400 किसानों की जमीन होगी अधिग्रहित
10 किलो मीटर लंबे इस पुल को बनाने में प्रयागराज की दो तहसीलों के 400 किसानों की भूमि अधिग्रहण का खाका तैयार कर लिया गया है। सदर तथा सोरांव तहसील के नौ गांवों से होकर यह पुल गुजरेगा। सरकार की ओर से मुआवजा के लिये दो गांवों के किसानों के लिये मुआवजा नोटीफिकेशन जारी कर दिया गया है। जिसके तहत मोरहूं उपरहार और बेला कछार फाफामऊ गांवों की जमीन का मुआवजा 80 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तय किया गया है। दोनों गांवों के के काश्तकारों की जमीन से सबसे पहले पुल निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी। जबकि अन्य 7 गांवों के कुल किसानों की संख्या मिलाकर लगभग 400 से अधिक है।
इन गांवों की जमीनें होंगी अधिग्रहित
प्रयागराज के इस विशेष सिक्स लेन पुल के लिये 9 गांव की जमीन ली जायेगी। इसमें सोरांव तहसील के मोरहूं कछार, मोरहूं उपरहार, मलाक हरहर उपरहार, बेला कछार फाफामऊ गांव की जमीनें अधिग्रहित होंगी। जबकि सदर तहसील के मेहदौरी कछार, म्योराबाद, असदुल्लापुर नकौली कछार, बेली कछार, बेली उपरहार गांव की जमीनें भी ली जायेंगी। इन गांवों के लगभग चार हजार किसानों की जमीन के अधिग्रहण का खाका तैयार कर लिया गया है। जिनमें दो गांवों की जमीन का दर निर्धारण हो चुका है और अब बाकी के गांवों की जमीन का दर निर्धारण कर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जायेगी।












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