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शंकराचार्य ने स्थगित किया राम मंदिर शिलान्यास कार्यक्रम, पुलवामा हमले के बाद लिया फैसला

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Prayagraj news, प्रयागराज। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए शिलान्यास कार्यक्रम का ऐलान करने वाले जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने अपनी यात्रा और शिलान्यास कार्यक्रम को रद्द कर दिया है। पुलवामा में आतंकी हमले के बाद देश में उत्पन्न माहौल को देखते हुए उन्होंने अपने इस कार्यक्रम को कुछ समय के लिए स्थगित कर दिया है। उन्होंने बताया कि राम मंदिर शिलान्यास कार्यक्रम सामयिक और आवश्यक भी है, लेकिन देश में उत्पन्न हुई इस आकस्मिक परिस्थिति के कारण यह कार्यक्रम कुछ समय तक स्थगित किया जा रहा है।

अयोध्या कूच करने का संकल्प लिया था

अयोध्या कूच करने का संकल्प लिया था

गौरतलब है कि पिछले दिनों कुंभ मेले में आयोजित परम धर्म संसद के दौरान शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए शिलान्यास करने की घोषणा की थी और 17 फरवरी को ही अयोध्या कूच करने का संकल्प लिया था। हालांकि, इसके बाद पूरे देश में एक अलग ही लहर चल रही थी और मंदिर निर्माण कार्यक्रम से संबंधित इस प्रक्रिया ने सरकार की भी मुश्किल है बड़ा दी थी, लेकिन अचानक से सीआरपीएफ के जवानों पर आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया और इसे लेकर शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने अपनी अयोध्या यात्रा व कार्यक्रम को स्थगित कर दिया है।

क्या बोले शंकराचार्य

क्या बोले शंकराचार्य

अयोध्या कार्यक्रम स्थगित करने के बाद शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि पुलवामा की घटना के बाद देश की बदली परिस्थितियों हम देश के साथ हैं। अयोध्या कार्यक्रम से इस वक्त पूरे राष्ट्र का ध्यान भटक सकता है। हम सदा से देशवासियों की भावनाओं के साथ रहे हैं। इसलिए अयोध्या शिलान्यास कार्यक्रम कुछ समय के लिए स्थगित किया जा रहा है। भविष्य में मुहूर्त निकाल कर यह कार्यक्रम पूरा किया जाएगा।

शंकराचार्य पर था भारी दबाव

शंकराचार्य पर था भारी दबाव

राम मंदिर निर्माण को लेकर शिलान्यास कार्यक्रम की घोषणा ने पूरे देश की नजर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती पर ही टिका दी थी। क्योंकि यह पूरी दुनिया में बसे हिंदुओं की आस्था से जुड़ा मामला था और इस समय जब देश दुख गुस्से और शोक में डूबा हुआ है ऐसे में अयोध्या कार्यक्रम को पूरा कर पाना देश के अंदरूनी हालात को बिगाड़ सकता है। इसे लेकर शंकराचार्य पर लगातार दबाव था। जबकि सरकार से लेकर संत महात्माओं उनके नजदीकियों व प्रशासनिक अफसर भी लगातार शंकराचार्य से संपर्क में थे और उन्हें कार्यक्रम रद्द करने को कह रहे थे। जबकि संघ प्रमुख मोहन भागवत, भाजपा के प्रमुख अमित शाह व अखाड़ा परिषद ने भी इस कार्यक्रम को नहीं करने के लिए दबाव बनाया था।

सीएम योगी ने फोन पर किया आग्रह

सीएम योगी ने फोन पर किया आग्रह

शंकराचार्य स्वरूपानंद सरस्वती के सहयोगी स्वामी सदानंद सरस्वती ने बताया कि अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष स्वामी नरेंद्र गिरी ने भी पत्र लिखकर इस कार्यक्रम को स्थगित करने का अनुरोध किया था। जबकि सीएम योगी आदित्यनाथ भी इस कार्यक्रम को रद्द करने के लिए शंकराचार्य से लगातार फोन पर बात कर रहे थे। शंकराचार्य पर लगातार अपने शिष्यों, सहयोगियों का काफी दबाव था और देश में उपजी विशेष परिस्थिति के आगे उन्होंने कार्यक्रम को रद्द करना ही ठीक समझा। फिलहाल, राम मंदिर निर्माण से जुड़ी इस प्रक्रिया के स्थगित होने से जहां मंदिर बनने की इंतजार की घड़ियां और बढ़ेगी वहीं भाजपा सरकार ने राहत की सांस जरूर ली है।

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English summary
shankaracharya postponed ram mandir lay foundation stone ceremony
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