इलाहाबाद विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेजों में छात्रों को पढ़ना होगा 'राष्ट्र सेवा' विषय, पास भी करना अनिवार्य
प्रयागराज, 29 सितंबर। उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध महाविद्यालयों में अब राष्ट्र सेवा विषय का सिलेबस पढ़ाया जाएगा। हर छात्र को यह विषय पढ़ना होगा। साथ ही, इस विषय में पास करना भी छात्रों के लिए अनिवार्य होगा। इस बारे में इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव ने कॉलेजों के प्रिंसिपल के साथ मीटिंग की। कुलपति प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव ने बताया कि नई शिक्षा नीति का खाका तैयार कर लिया गया है और इसके सिलेबस को 2023 से लागू कर दिया जाएगा।

कुलपति ने इस बारे में और जानकारी देते हुए कहा कि छात्रों को विषय की पढ़ाई के साथ-साथ विभिन्न जगहों पर भ्रमण के लिए भी ले जाया जाएगा जो कि शिक्षण का ही हिस्सा होगा। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में जो सिलेबस नई शिक्षा नीति के तहत तैयार किया गया है उसको सभी कॉलेजों में पढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि महाविद्यालयों में जिन कोर्स को पढ़ाने के लिए टीचर और संसाधन हैं, वे उनका चुनाव कर सकते हैं। साथ ही, नए कोर्स चलाने के लिए भी कॉलेज आवेदन दे सकते हैं। अगर कोई कॉलेज इंटीग्रेटेड कोर्स चलाना चाहेगा तो वो भी कर सकते हैं।
कॉलेज के प्राचार्यों के साथ हुई इस बैठक में डीन आर एंड डी और एनईपी कमेटी के चेयरमैन एसआई रिजवी भी मौजूद रहे। इसमें नई शिक्षा नीति के कार्यान्वयन और प्रगति पर जानकारी दी गई। एसआई रिजवी ने नई शिक्षा नीति पर प्राचार्यों से सुझाव भी मांगे हैं। उन्होंने बैठक में कहा कि कई कॉलेजों में खेल के मैदान नहीं हैं जबकि नई शिक्षा नीति में खेलकूद को अहमियत दी गई है। छात्र अगर खेल से संबंधित संस्थाओं के सर्टिफिकेट पेश करेंगे तो इसे उनके क्रेडिट अंकों में जोड़ा जा सकता है। बैठक में प्राचार्यों ने भी नई शिक्षा नीति पर अपने विचार व्यक्त किए। साथ ही उन्होंने कहा कि इसके क्रियान्वयन में जो भी सहयोग होगा, वे करेंगे।












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