दादी इंदिरा के घर वोट मांगने आंएगे राहुल-प्रियंका लेकिन अभी भी मुश्किल ये कि किसे बनाएं प्रत्याशी
prayagraj news, प्रयागराज। कांग्रेस के सबसे पुराने गढ़ यानी इलाहाबाद में कांग्रेस में जान फूंकने का प्रयास कर रहीं प्रियंका गांधी का कार्यक्रम इलाहाबाद में तय कर दिया गया है। वह अपने भाई राहुल गांधी के साथ दादी के घर यानी इलाहाबाद आएंगी। यहां रैली के लिए चार स्थानों का चयन किया जा रहा है और यहीं से फूलपुर, कौशांबी, प्रतापगढ़, भदोही लोकसभा को भी बड़ा संदेश देने का प्रयास किया जाएगा। इस बड़ी रैली के आयोजन के लिए पिछले दिनों प्रयागराज कोर्ट में आए राजबब्बर समेत दर्जनों बड़े कांग्रेसी नेताओं ने समीक्षा बैठक की और आयोजन स्थल से लेकर जुटने वाली भीड़ का ब्लू प्रिंट भी तैयार किया गया।

सफल रही प्रियंका की जल यात्रा
पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के कार्यक्रम से इस कार्यक्रम को पूरी तरह से अलग बनाने की तैयारी की जा रही है और अधिक संख्या में भीड़ जुटाकर इलाहाबाद समेत आसपास की सभी लोकसभा सीटों को शक्ति संदेश दिया जाएगा। वैसे भी प्रयागराज से अपनी जल यात्रा शुरू करने वाली प्रियंका गांधी का पहला दौरा ही काफी सफल रहा था। ऐसे में दादी इंदिरा के घर से वह फिर से अपने चुनाव को धार देने भाई राहुल के साथ आएंगी।

विभीषणों पर नजर
पूर्व कांग्रेस नेता रीता जोशी के कांग्रेस प्रत्याशी बनाए जाने के बाद बगावत से झुलस रही कांग्रेस की नजर अभी भी पार्टी के अंदर बने हुए विभीषणों पर है, जो अंदर खाने की खबर को तो लीक कर ही रहे हैं, कांग्रेस के बजाए भाजपा का प्रचार प्रसार करने में जुटे हुये हैं। शुक्रवार को राजबब्बर के सामने कुछ बड़े कांग्रेसी नेताओं की पेशी भी हुई थी और उनकी निष्टा पर जब सवाल उठे तो वह सकते में नजर आए। उन्हें सख्त चेतावनी दी गयी है, साथ ही उनकी निगरानी भी की जा रही है। गौरतलब है कि पिछले दिनों कई स्थानीय पदाधिकारियों ने कांग्रेस छोड़कर रीता जोशी का दामन थाम लिया था और अभी भी कई और कांग्रेसियों के भाजपा में जाने की संभावना बनी हुई है। वह केवल कांग्रेस प्रत्याशी के घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। अगर उनके मन मुफीद प्रत्याशी नहीं आया तो वह कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामेंगे और रीता की राह आसान करेंगे।

भावनात्मक जुड़ाव दिखाने की कोशिश
प्रियंका गांधी और राहुल गांधी का प्रयागराज दौरा इस शहर से उनके भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाने का बड़ा मौका भी होगा। मंच से इसका जिक्र भी प्रियंका करेंगी और उनके भाषण में स्थानीय टॉपिक को रखने के लिए जिला कमेटी रिपोर्ट तैयार कर रही है। जिसमें नेहरू परिवार के कार्य व उनके द्वारा इस शहर के लिये समर्पण को दोहराया जाएगा। प्रियंका यह साबित करने की कोशिश करेंगी कि नेहरू व इंदिरा के छोड़े गये कार्यों को पूरा करने के लिए ही वह राजनीति में आयी हैं और अपने दादी के घर से अपनों का आशीर्वाद लेने आई हैं।
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कौन होगा प्रत्याशी?
कांग्रेस के लिए इस समय इलाहाबाद सीट पर अपना प्रत्याशी तय करना बेहद ही मुश्किल नजर आ रहा है, क्योंकि जिन बड़े नामों को कांग्रेस ने फाइनल सूची में डाला है, उन्हें लेकर वह अभी कश्मकश में है। अभिनेत्री श्वेता तिवारी को टिकट दिए जाने की संभावना के बीच अब उनकी स्थानीय पहचान को लेकर नकारात्मक रिपोर्ट दी गयी है और बताया गया है कि श्वेता ने लंबे समय से इलाहाबाद से दूरी बना रखी है और चुनाव के दौरान उनकी पहचान आड़े हाथों आएगी। हालांकि, यह थोड़ा बचकानी रिपोर्ट नजर आती है, क्योंकि बिग बॉस जीतने के बाद जिस तरह से रातोंरात श्वेता तिवारी पूरे देश में स्टार बनी थीं, उसे उन्हें अच्छी खासी पहचान मिल गई थी। इसके बाद कई फिल्मों में काम के साथ टीवी सीरियल का बेहद ही जाना पहचाना नाम श्वेता तिवारी का है।

केंद्रीय पैनल करेगा फैसला
प्रतापगढ़ की रहने वाली वह इलाहाबाद से जुड़ी इस अभिनेत्री की दावेदारी को अभी शीर्ष नेतृत्व द्वारा नकारा नहीं गया है। प्रयागराज कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ने बताया कि श्वेता के नाम पर अब केंद्रीय पैनल को फैसला करना है, अभी भी उनका नाम सबसे टॉप लिस्ट पर है। उनके साथ पूर्व पीएम लाल बहादुर शास्त्री के पोते का भी नाम दावेदारों की सूची में है। फिलहाल, प्रत्याशी कौन होगा अभी इस पर कन्फर्म कुछ नहीं कहा जा सकता है। क्योंकि कयास और संभावनाओं के बीच लगातार रणनीति और समीकरण बदल रहे हैं। इलाहाबाद संसदीय सीट से कांग्रेस के सामने मुश्किल बढ़ती ही जा रही है, प्रत्याशी की घोषणा ना होने से कांग्रेसियों में असमंजस की स्थिति बन रही है। साथ ही बगावत की आहट और तेज होती जा रही है।












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