'नानी के घर आई हूं, फूलपुर को भूलपुर-धूलपुर बनाने वालों से होगा हिसाब'
Prayagraj

खुद को नेहरू गांधाी परिवार का बताया वंशज
जैसा की प्रिया सिंह के प्रयागराज आने से पहले ही उनके संजय गांधी के पिता वाले बयान और दावे के सहारे मीडिया ने उन्हें हाथों हाथ लिया था। प्रिया सिंह यहां वैसी ही नजर आईं। खुद को नेहरू गांधी परिवार की वंशज के तौर पर पेश कर वह फूलपुर से अपने जुड़ाव व मंशा को भी जाहिर करती रही।
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प्रिया ने कहा- नाना नेहरू की कर्मस्थली थी फूलपुर
प्रिया सिंह ने कहा कि फूलपुर मेरे पर नाना नेहरू जी की कर्मस्थली थी, लेकिन अफसोस लोग इसे भूल चुके हैं और कुछ खास लोगों की वजह से भी इस सीट को भुलाया गया है, लेकिन नेहरू परिवार के खून के रूप में वह पहली बार जनता के बीच आयी हैं। इस सीट पर नेहरू जी की यादें आज भी धूल से दबी पड़ी है। इस क्षेत्र को एक समय भारत का सबसे बड़ा नगर कहा जा रहा था और पूरी दुनिया की नजर इस इलाके पर थी, क्योंकि इस सीट ने देश को पहला प्रधानमंत्री दिया था।

बोलीं प्रिया, आने में देर कर दी
राजनीति में उतरने और फूलपुर की याद अब आने के सवाल पर भावुक अंदाज में प्रिया सिंह ने कहा कि वह बहुत खुश हैं कि अपने ननिहाह आई हैं, लेकिन दुख भी है कि आने में बहुत देर कर दी। अब फूलपुर को उस ऊंचाइयों पर पहुंचाना है, जो किसी ने सोचा भी नहीं होगा। मेरे पिता संजय गांधी यहीं के रहने वाले थे। मुझे गोद लेने वाले माता पिता भी यहीं के रहने वाले थे। अब मुझे अपनों के लिए वह करना है, जिसकी उम्मीद उनमे जिंदा है।












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