फिल्म 'राम जन्मभूमि' के प्रसारण पर रोक के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका, 15 अप्रैल को होगी सुनवाई
प्रयागराज। लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2019) से पहले फिल्म 'राम जन्मभूमि' Ram Janmabhoomi पर के प्रसारण पर रोक लगाने लिए इलाहाबाद कोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका में लोकसभा चुनाव वा आचार संहिता का हवाला देते हुए इस फिल्म के प्रसारण और ट्रेलर से हो रहे विवाद का हवाला दिया गया है। कहा गया है कि अगर फिल्म का प्रसारण हुआ तो तनाव तो फैलेगा ही चुनाव भी प्रभावित होगा। फिलहाल इस याचिका पर सुनवाई 15 अप्रैल को होगी और तब यह फैसला हो सकेगा कि फिल्म रिलीज होगी या नहीं। हालांकि इस फैसले से पहले पीएम मोदी की बयोपिक पर फैसला होना है, जिसकी सुनवाई 5 अप्रैल को है। संभावना है कि इस पर आने वाला फैसला ही राम जन्मभूमि फिल्म का भी फैसला कर देगा। दोनों फिल्मों पर अब हाईकोर्ट ही फैसला करेगा कि इनका प्रसारण होगा या नहीं।

डबल बेंच में सुनवाई
राम जन्मभूमि फिल्म के प्रसारण पर रोक लगाने के लिए हुसैन अख्तर व फारूक अहमद ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। जिस पर न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल और न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की डबल बेंच सुनवाई करेगी। डबल बेंच ने याचिका सरकार से जानकारी मांगी तो याचिका पर भारत सरकार के अधिवक्ता चंद्र भूषण सिंह ने सरकार का पक्ष रखा। हालांकि याचिका के सापेक्ष विस्तृत लिखित पक्ष हलफनामा देने के लिए हाईकोर्ट ने कहा है, जिसे 15 अप्रैल को सुनवाई के दौरान देना होगा।

क्या दी गई दलील
याचिका में दलील दी गयी है कि लोकसभा चुनाव के दौरान फिल्म का प्रसारण होने से जनभावनाएं भड़केंगी और मतदाता प्रभावित होंगे। चूंकि रामजन्म भूमि फिल्म में बाबरी मस्जिद को तोड़ते हुए दिखाया गया है। इसके अलावा इस्लाम में हलाला की भी चर्चा की गई है। यह मुस्लिमों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है। फिल्म में बाबरी मस्जिद पर केसरिया ध्वज फहराते हुए दिखाया गया है, जिस पर राम का नाम लिखा हुआ है। फिल्म का ट्रेलर देखने से ही तनाव बढ़ रहा है, इसलिए इसके प्रसारण पर रोक लगायी जानी चाहिये।

विवाद के चलते फिल्म की रिलीज डेट बढ़ी आगे
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सैय्यद वसीम रिजवी द्वारा आयोध्या के राम मंदिर पर बनाई गयी फिल्म राम जन्मभूमि को सेंसर बोर्ड से सर्टिफिकेट मिलने के बाद इस फिल्म को पहले 29 मार्च को ही पूरे देश में रिलीज किया जाना था। लेकिन विवादों के चलते इस फिल्म की रिलीज डेढ आगे बढ़ रही हैं और अब हाईकोर्ट में मामला जाने के बाद इसके और आगे खिसकने की संभावना बनी हुई है। हालांकि हाईकोर्ट सुप्रीम कोर्ट के फैसले को आधार बनाकर अपना फैसला 15 अप्रैल को ही फिल्म के पक्ष में सुना सकती है। लेकिन इस बीच सरकार को मजबूती से अपना पक्ष भी रखना होगा तभी यह संभव हो सकेगा।












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