यूपी का सबसे घनी आबादी वाला शहर, झेल रहा 20 साल से बिजली कटौती की मार

इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश देश का सबसे ज्यादा आबादी वाला शहर इलाहाबाद लेकिन आज भी यहां पिछलते 25 साल से लोग एक अदद बिजली को तरह रहे है। स्थानीय लोग बताते हैं कि विदेशों की टीम यहां के दौरे पर आयी थी कि शहर को स्मार्ट सिटी बनायेगे, लेकिन जिस तरह से लोग यहां दोपहर तक बिजली का इंतजार करते हैं उनके लिए स्मार्ट सिटी दूर की कौड़ी लगती है।

दोपहर होते ही जेनरेटर से शहर गूंजने लगता है

दोपहर होते ही बाजारों में जेनरेटर की खचखच अब आम बात हो गयी है। दुकानदार इस बात को जानते हैं कि दोपहर में हो रही बिजली कटौती होती है लिहाजा कस्टमर भी नहीं आयेंगे।

ऐसे में शहर के मुख्य इलाके जैसे सिविल लाइंस, चौक, कटरा में मुख्य दुकानदार इनवर्टर के जरिए ही बिजली की आपूर्ती को पूरी करते हैं। ऐसे में छोटे दुकानदारों के काफी नुकसान का सामना करना पड़ता है।

सुबह ही तैयारी हो जाती ही बिजली कटौती की

इलाहाबाद में सालों से हो रही बिजली की कटौती की वजह से लोगों ने इसे अपनी दिनचर्या में ढाल लिया है। लोग सुबह ही बिजली से संबंधित अपने काम पहले ही कर लेते हैं। मोबाईल, लैपटॉप जैसे बिजली के उपकरण लोग पहले ही चार्ज कर लेते हैं। हालांकि कुछ साल पहले यहां हुए महाकुंभ में कुछ हद तक बिजली की आपूर्ति बेहतर हुई थी लेकिन इसके बाद बिजली की समस्या फिर पहले जैसी ही हो गयी

सबसे तेजी से विकसित होने वाले शहरों की सूची में 130वां स्थान

आपको बता दें कि इलाहाबाद को दुनिया में सबसे तेजी से विकसित होने वाले शहर की सूचि में 131वां स्थान दिया गया था। लेकिन जमीनी स्तर पर जिस तरह से इलाहाबाद विकासी की बाट जोह रहा है वह इस सूचि पर कई सवाल खड़ा करता है।

प्रदेश में बिजली चोरी ही बड़ी समस्या

उत्तर प्रदेश में आज भी बिजली की समस्या सबसे बड़ी समस्या है। प्रदेश में बिजली की कुल मांग 15000 मेगावाट है जबकि महज 13000 मेगावाट की ही बिजली प्रदेश के लोगों को मुहैया है। हालांकि प्रदेश में बिजली चोरी एक बड़ी समस्या है। तकरीबन 30 फीसदी की बिजली प्रदेश में चोरी हो जाती है। इस बिजली चोरी में लाइन लॉस भी शामिल है।

ओबरा पॉवर प्लांट अपनी क्षमता के हिसाब से सिर्फ एक चौथाई ही उर्जा का निर्माण कर रहा है। वहीं पनकी पॉवर प्लांट के दो प्लांट में 100 मेगावाट के सिर्फ दो यूनिट चालू है। जिसके चलते प्रदेश को बिजली की समस्या से जूझना पड़ रहा है।

अधिकारियों के मानें तो तकनीकी गड़बड़ियों के चलते लखनऊ, आजमगढ़, गोरखपुर, मैंनपुरी और कन्नौज में भी बिजली की समस्या काफी विकराल है। प्रदेश में 403 मेगावाट बिजली बजाज एनर्जी से जबकि रोजा पॉवर प्लांट से 812 मेगावाट बिजली प्रदेश को मुहैया करायी जा रही है।

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