निठारी कांड: हाईकोर्ट में कोली व पंढेर की फांसी के खिलाफ सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित
प्रयागराज। नोएडा का बहुचर्चित निठारी हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में आने वाला है। इस जघन्य हत्याकांड में आरोपियों की फांसी की सजा के खिलाफ दाखिल की गई याचिका पर सुनवाई पूरी हो गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है। दरअसल, सीबीआई कोर्ट, गाजियाबाद से फांसी की सजा मिलने के बाद मनिंदर सिंह पंढेर और सुरेंदर कोली ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका पर लंबे समय तक सुनवाई के बाद कोर्ट ने अब फैसला सुरक्षित कर लिया है।

डबल बेंच में हुई सुनवाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट में निठारी कांड के आठ मामलों में आरोपी कोली और पंढेर की ओर से आपराधिक याचिका दाखिल की गयी थी। जिस पर जस्टिस वी.के. नारायण और जस्टिस प्रकाश पाडिया की डबल बेंच ने मामले की सुनवाई की। बहस के दौरान आरोपियों की और से कोर्ट को बताया गया है कि पंढेर के घर के बाहर नाले से मिले कंकाल के आधार पर उन्हें आरोपी बना दिया गया। जबकि इसका कोई साक्ष्य नहीं है कि नाले से मिले कंकाल लापता लड़कियों के हैं। इस घटना का ना कोई चश्मदीद गवाह है और ना ही कोई ठोस साक्ष्य, उसके बावजूद उन्हें इसमें फंसाया गया और सजा सुनाई गयी है। आरोपियों ने खुद को निर्दोष बताते हुये सजा समाप्त करने की मांग की है। फिलहाल लंबे समय तक चली बहस व साक्ष्यों को देखने के बाद अब हाईकोर्ट ने इस मामले पर अपना फेसला सुरक्षित कर लिया है।
क्या है मामला
नोएडा के निठारी गांव से दर्जनों बच्चे लापता हो गये थे और इस मामले की जांच शुरू हुई तो मनिंदर सिंह पंढेर के घर के पास नाले में कई लड़कियों के नर कंकाल मिले थे। सीबीआई जांच के दौरान इस मामले में सनसनीखेज खुलासे हुये और पता चला कि लड़कियों से दुराचार के बाद हत्या की गयी। हत्यारोपी उनका खून पीता और मांस खाता था। इस मामले में आरोपी सुरेंद्र कोली गिरफ्तार किया गया। जबकि दूसरा आरोपी मनिंदर पंढेर को भी गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि पंढेर के घर पर ही सारी वारदात हुई हैं। जब कोली घर से जाता था तो उसके बाद पंढेर लड़कियों के साथ क्रूरता करता था। इस मामले में सुरेंद्र कोली पर दर्ज आठ मुकदमों में सीबीआई कोर्ट गाजियाबाद ने उसे फांसी की सजा सुनाई है।
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