प्रयागराज: PM नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव याचिका पर शुरू हुई सुनवाई
प्रयागराज। प्रधानमंत्री और वाराणसी के सांसद नरेंद्र मोदी के खिलाफ प्रयागराज हाईकोर्ट में दाखिल की गई चुनाव याचिका पर सुनवाई शुरू हो गई है। इस मामले में हाईकोर्ट ने याचिका की वैधानिकता को सही माना है और याचिका पर सुनवाई करते हुए सभी पक्षों को नोटिस जारी किया है। याचिका की गंभीरता को देखते हुए इसकी अगली सुनवाई 19 जुलाई को होगी और इसमें चुनाव आयोग व संबंधित पक्षों को अपना जवाब भी दाखिल करना होगा।

क्या हुआ हाईकोर्ट में
प्रयागराज हाईकोर्ट में तेज बहादुर यादव की याचिका पर न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता ने सुनवाई की। सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि वाराणसी लोकसभा से चुनाव लड़ने के लिये तेज बहादुर ने नामंकन किया था। जब तेज बहादुर यादव का नामांकन रद्द किया जा रहा था तो उसे अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाना था। लेकिन, चुनाव आयोग ने इसे उचित नहीं समझा। जबकि नामांकन रद्द करने में इस प्रक्रिया का पालन बेहद ही आवश्यक होता है। चूंकी वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चुनाव लड़ रहे थे, तो उनके दबाव में ही चुनाव आयोग ने फैसला दिया और उनका नामांकन रद्द कर दिया। जिसके कारण तेज बहादुर यादव चुनाव लड़ने का संवैधानिक अधिकार होने के बावजूद भी वह चुनाव नहीं लड़ सके।

संशोधन के लिए मांगा समय
तेज बहादुर यादव की याचिका में अभी कुछ और पॉइंट पर संशोधन किया जाएगा, इसके लिए उनके वकील की ओर से कोर्ट में एक अर्जी भी दी गई है और कहा गया है कि वह अपनी याचिका में कुछ संशोधन करना चाहते हैं, उसके लिए उन्हें वक्त दिया जाए। कोर्ट ने उन्हें 1 दिन का समय दिया है और 19 जुलाई को इस मामले की पुनः सुनवाई होगी। फिलहाल इस मामले में अगर तेज बहादुर की ओर से पर्याप्त सबूत दिए गए अथवा हाईकोर्ट में पक्षकारों की ओर से दाखिल जवाब पर हाईकोर्ट संतुष्ट नहीं हुआ, तो निश्चित तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुश्किलें बढ़ जाएंगी।

क्या है मामला
आम चुनाव के दौरान तेजबहादुर यादव ने वाराणसी से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान किया था। इसके बाद से वाराणसी समेत पूरे देश में हलचल बढ़ गयी थी। तेज बहादुर के नामांकन के बाद जब समाजवादी पार्टी ने उन्हें अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया। तब तेज बहादुर ने दोबारा से अपना नामांकन कर दिया था। जिसमें उन्होंने खुद के सेना से बर्खास्ती का जिक्र नहीं किया था और इसी आधार पर निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें सेना से एनओसी लाने का निर्देश दिया। हालांकि तेज बहादुर सेना की ओर से एनओसी नहीं ला पाए। जिसके कारण उनका नामांकन पत्र खारिज कर दिया गया था।

तब भी गये थे कोर्ट
वाराणसी से नामांकन रद्द होने के बाद तेजबहादुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ही आरोप लगाया था और इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को मामले में उचित निर्णय लेने का आदेश देते हुये याचिका को निस्तारित कर दिया था। जिसके बाद चुनाव आयोग ने इस मामले जांच की और तेज बहादुर के सभी आरोपों को निराधार पाया और इसी आधार पर उनके नामांकन खारिज होने के फैसले को सही माना गया।
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