आचार संहिता उल्लंघन में पूर्व मंत्री विमल कृष्ण अग्रवाल ने MP-MLA कोर्ट में किया सरेंडर, भेजे गए जेल
Prayagraj News, प्रयागराज। बदायूं के पूर्व मंत्री विमल कृष्ण अग्रवाल ने प्रयागराज स्थित एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में गुरुवार को सरेंडर किया था। स्पेशल कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेजने का आदेश दिया। सुनवाई के बाद पूर्व मंत्री को पुलिस अभिरक्षा में नैनी सेंट्रल जेल भेज दिया गया है। बता दें कि उनके खिलाफ दो मामलों में काफी समय से गैर जमानती वारंट चल रहा था। विमल कृष्ण की ओर से दी गई बीमारी की अर्जी पर कोर्ट ने जेल अधीक्षक को जेल मैनुअल के अनुसार उचित इलाज के लिए निर्देश दिया है। इस प्रकरण में अगली सुनवाई एक जून को होगी।

नहीं मिला वकील, बीमारी की देते रहे दलील
प्रयागराज जिला कचहरी में गुरुवार को हड़ताल हो गयी थी। जिसके कारण स्पेशल कोर्ट में जब पूर्व मंत्री विमल कृष्ण अग्रवाल सरेंडर करने पहुंचे तो उन्हें कोई वकील नहीं मिला। नतीजतन उन्होंने खुद ही अपना पक्ष रखा और अपनी सरेंडर अर्जी के साथ जमानत की अर्जी कोर्ट में दाखिल की। स्पेशल कोर्ट में अग्रवाल ने दलील दी की वह बहुत बीमार हैं, इसलिये उन्हें जमानत दे दी जाये। हालांकि स्पेशल कोर्ट ने लगातार सुनवाई की तारीखों पर हाजिर ना होने और कोर्ट का सहयोग न करने पर उन्हे कोई राहत नहीं दी और ढाई घंटे न्यायिक अभिरक्षा में रखने के बाद जेल भेज दिया। हालांकि स्पेशल कोर्ट ने जेल अधीक्षक नैनी को समुचित इलाज का आदेश दिया है।
दर्ज हैं दो मामले
पूर्व मंत्री विमल कृष्ण अग्रवाल पर दो अलग अलग मामले दर्ज थे, जिनमें उनके विरूद्ध वारंट जारी किया गया था। इसमें एक मामला 8 अप्रैल 2007 को बदायूं के कोतवाली थाने में दर्ज हुआ था। जिसमें उन पर आरोप था कि आदर्श आचार संहिता का उन्होंने उल्लंघन किया था। जगह जगह उनके बैनर पोस्टर लगे थे, साथ ही वाल राइटिंग करायी गयी थी। उन पर यह भी आरोप था कि बिना अनुमति के उन्होंने जनसभा की थी। जबकि दूसरा मामला बदायूं के उझानी थाने में दर्ज है। इन दोनों मामले में उन पर मुकदमा दर्ज किया गया था। इन मामलों में सीजेएम बदायूं ने सितंबर 2017 ही गैर जमानती वारंट जारी किया था, लेकिन यह हाजिर नहीं हो रहे थे। अब बदयूं से ट्रांसफर होकर यह मामला स्पेशल कोर्ट में आया था। जहां उन्हें हाजिर होने के लिये वारंट जारी किया गया, लेकिन वह हाजिर नहीं हो रहे थे। इस पर कोर्ट ने सख्त रूख दिखाते हुये अब उनके सरेंडर करने पर जेल भेजने की कार्रवाई की है। इस प्रकरण की अगली सुनवाई 1 जून को होगी। मुकदमे पर सुनवाई स्पेशल कोर्ट के जज पवन कुमार तिवारी कर रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications