भाजपा सांसद के बेटे ने कहा- पापा को नहीं मिला टिकट तो BJP के खिलाफ निर्दलीय लडूंगा चुनाव

Prayagraj news, प्रयागराज। अपने पूरे कार्यकाल के दौरान विवादों में रहे और अपनी ही पार्टी को निशाना बनाते रहे इलाहाबाद के भाजपा सांसद श्यामा चरण गुप्ता का नाम चुनाव से पहले फिर लाइम लाइट में आ गया है। हालांकि, इस बार वजह खुद श्यामा चरण गुप्ता नहीं बल्कि उनके बेटे विदुप अग्रहरि हैं। सांसद के बेटे विदुप ने प्रेस कांफ्रेंस कर टिकट वितरण से पहले ही भाजपा खेमे में हचलच मचा दी है और साफ कर दिया है कि अगर उनके पिता का टिकट कटा ता वह खुद भाजपा के खिलाफ निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान विदुप ने कहा कि उन्हें पता है कि उनके पिता को इस बार भाजपा टिकट नहीं देगी और उनका टिकट कटना तय है। ऐसे में वह खुद इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे और पिता के विकास कार्यों को आगे ले जायेंगे।

टिकट नहीं देने व अपमान का आरोप

टिकट नहीं देने व अपमान का आरोप

फिलहाल, विदुप की प्रेस कांफ्रेंस के बाद इतना तो साफ हो गया है कि भाजपा के लिये व्यापारी वर्ग का बड़ा वोट बैंक जुटाने वाले श्यामा चरण अब अलग ही राह पकड़ेंगे और भाजपा के लिये मुश्किल बढायेंगे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में विदुप ने आरोप लगाया कि वह लगातार बीजेपी से टिकट मांग रहे हैं, लेकिन उन्हें टिकट नहीं दिया गया है, जबकि कई सांसदों के बेटों को टिकट दिया गया है। उनके पिता भले ही भाजपा के सांसद रहे हों, लेकिन उनका भारतीय जनता पार्टी ने कभी कोई सम्मान नहीं किया। बल्कि जगह-जगह पर उन्हें अपमानित करते रहे। मेरे पिता, मेरे परिवार के अपमान से क्षुब्ध होकर यह कदम उठा रहा हूं और जनता की सेवा के लिए निर्दलीय चुनाव लडूंगा। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के दौरान ही श्यामा चरण गुप्ता ने बीजेपी ज्वाइन की थी और उनके बेटे विदुप ने भी बीजेपी से ही अपने राजनैतिक कैरियर की शुरुआत की है। फिलहाल, अब वह निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरते नजर आने वाले हैं।

मोदी लहर में जीते

मोदी लहर में जीते

इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र से बीते लोकसभा चुनाव में भाजपा ने श्यामा चरण गुप्ता को टिकट दिया था। हालांकि, उस वक्त श्यामा चरण को बड़ी मुश्किल व राजनीतिक दांव पेंच से टिकट मिल पाया था। उस वक्त श्यामा चरण का स्थानीय भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध भी किया था, लेकिन शीर्ष नेतृत्व की बैठक के बाद श्यामा चरण का ही टिकट कन्फर्म रहा। हालांकि, कई खेमे में इलाहाबाद की टीम बंटी और माना जाने लगा कि यह टीम सपा के रेवती रमण जीत जायेंगे, लेकिन मोदी लहर पर सवार श्यामा चरण चुनाव जीते और सांसद बन गये।

मंत्री नहीं बनने से नाराज

मंत्री नहीं बनने से नाराज

सांसद बनने के बाद श्यामा चरण केन्द्र में मंत्री बनने के लिये कड़ी मेहनत करने लगे, लेकिन इस बार उनकी दाल नहीं गली तो उन्होंने बागी रुख अपना लिया और मंत्रीमंडल के चुनाव पर ही सवाल उठा दिये। इसके बाद तो हर रैली, जनसभा में उनकी जुबान फिसलती रही और अपनी ही पार्टी को घेरे में खड़ा कर यह राजनीति करते रहे। यूपी विधानसभा चुनाव के दौरान तो श्यामा चरण उस वक्त बेहद ही पार्टी से खफा हो गये जब उनके नजदीकियों और बेटे को विधायकी का टिकट नहीं दिया गया। तब श्यामा चरण ने पूरे विरोधी सुर पकड़े तो इन्हें मनाने के लिये केन्द्र के कद्दवार नेता से लेकर सीएम योगी तक घर पहुंचे।

बेटे के कंधे पर बंदूक रख निशाना

बेटे के कंधे पर बंदूक रख निशाना

अपने कार्यकाल में श्यामा चरण गुप्ता का दो-चार दिन चुप रहने के बाद ही कोई न कोई बयान मीडिया में आ जाता और भाजपा की किरकिरी होती रही। श्यामा चरण को भाजपा ने भी किनारे करना शुरू कर दिया था और कई बड़ी रैली में इनकी फिसलती जुबान के चलते माइक पर बोलने का मौका भी नहीं दिया गया, जिससे इनकी नाराजगी बढ़ती ही जा रही थी। दूसरी तरफ भाजपा ने साफ कर दिया था कि कुछ सांसदों का इस बार टिकट कटना तय है।

दूसरे दलों से भी टिकट मिलना कठिन

दूसरे दलों से भी टिकट मिलना कठिन

फिलहाल, सांसद के बेटे की फ्रेस कांफ्रेंस से यह तो साफ हो गया कि श्यामा चरण को टिकट न दिये जाने की अंदरूनी जानकारी दे दी गयी है, लेकिन वह दबाव में अभी खुद सामने आकर कोई बयान नहीं दे रहे हैं और थोड़ी बहुत उम्मीद के साथ बेटे के कंधे पर बंदूक रख कर चला रहे हैं। हालांकि, दूसरे दलों से भी श्यामा चरण को टिकट मिलना बेहद ही कठिन ही है। क्योंकि सपा-बसपा गठबंधन रेवती रमण जैसे बड़े चेहरे के बजाय किसी बाहरी को टिकट देकर मैदान में आने का जोखिम नहीं उठायेगी और कांग्रेस किसी कद्दवार कांग्रेस नेता को टिकट देने के लिये प्लान तैयार कर रही है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+