मां की पार्टी को बैन करने के लिए अनुप्रिया ने चुनाव आयोग से की शिकायत, जांच शुरू
Prayagraj news, प्रयागराज। राजनीति में कोई किसी का नहीं होता और अपने जब एक दूसरे के सामने होते हैं तब दुश्मनी में हर हथकंडा एक दूसरे को नुकसान पहुंचाने के लिए अपनाया जाता है। मुलायम परिवार के बाद यूपी के दूसरे राजनैतिक परिवार अपना दल में इसी रार की लड़ाई अब पटल पर आ गयी है। अपना दल व पटेल वोटों की असली नुमाइंदगी और ठेकेदारी को लेकर मां-बेटी में बटे दो गुट अब एक दूसरे को नुकसान पहुंचाने की जिद पकड़े हुये हैं। कृष्णा पटेल ने बेटी के प्रत्याशी के खिलाफ खुद चुनाव लड़ने का ऐलान किया तो अनुप्रिया ने अब मां कृष्णा गुट की पार्टी अपना दल की संवैधानिकता पर ही सवाल उठाये हैं।

चुनाव अयोग से की शिकायत
अनुप्रिया पटेल ने चुनाव आयोग से पत्र लिखकर शिकायत की है कि अपना दल सोनेलाल के नाम से उनकी पार्टी का रजिस्ट्रेशन है, ऐसे में उस नाम का इस्तेमाल कृष्णा पटेल द्वारा किया जाना सही नहीं है। इस नाम का इस्तेमाल केवल वह व उनकी पार्टी के लोग व प्रत्याशी कर सकते हैं। अनुप्रिया ने मांग की है कि कृष्णा पटेल को अपना दल पार्टी का नाम इस्तेमाल करने, उसके चिन्ह व झंडे का इस्तेमाल करने पर रोक लगायी जाये। मामले में चुनाव आयोग ने अनप्रिया की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है।

पिछली बार हुई थी कार्रवाई
गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के दौरान अनुप्रिया की ऐसा ही शिकायत पर प्रतापगढ़ सदर सीट पर कृष्णा गुट से नामांकन करने वाली वाले प्रमोद मौर्य के खिलाफ कार्रवाई हुई थी। अनुप्रिया ने शिकायत की थी कि अपना दल का झंडा लगाकर प्रचार कर रहे हैं, जबकि यह पार्टी अब उनके नाम से रजिस्टटर्ड है। इस पर चुनाव आयोग ने प्रत्याशी एफआईआर भी दर्ज कराया था। उन पर आयोग का नियम तोड़ने, अनाधिकृत रूप से दूसरे दल का झंडा प्रयोग आदि करने का आरोप था। गौरतलब है कि अनुप्रिया द्वारा चुनाव आयोग से अपनादल सोने लाल को पंजीकृत कराने के बाद अब अगर किसी दूसरे दल के प्रत्याशी ने अपना दल का झंडा आदि इस्तेमाल किया तो उस पर आयोग की नियम तोड़ने की धाराओं के तहत कार्रवाई की जायेगी।

अनुप्रिया का पलड़ा भारी
चुनाव आयोग से रजिस्ट्रेशन कराने के कारण अनुप्रिया पटेल का पलड़ा पहले से ही काफी भारी है और अब एक बार फिर से चुनाव आयोग से शिकायत कर अनुप्रिया ने मामला उछाल दिया है, जिससे कृष्णा गुट की तकलीफ और बढ़ेगी। अनुप्रिया का केन्द्र तक पहुंचना और मंत्री बनना उनकी ताकत को पहले ही बढ़ा चुका है और पटेल बिरादरी में उनका कद पिता सोनेलाल की ही तरह काफी बढ़ चुका है। जबकि लगातार एक-एक सीट को मोहताज कृष्णा गुट को पहली बार कांग्रेस का साथ मिला है, लेकिन समस्या यह है कि कांग्रेस खुद भी एक-एक सीट के लिए यूपी में मोहताज हो चुकी है। फिलहाल, अनुप्रिया की पार्टी को दो सीटें चुनाव लड़ने के लिये बीजेपी गठबंधन से मिली है, जिसमें मिर्जापुर से वह खुद चुनाव लड़ेंगी, जबकि अभी दूसरी सीट पर संशय बना हुआ है।












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