हफ्ते भर राहगीरों को शरबत पिलाने की HC ने सुनाई सजा, कहा- 'गंगा जमुनी तहजीब भाषणों में ही नहीं, बल्कि...'

हफ्ते भर राहगीरों को शरबत पिलाने की HC ने सुनाई सजा, कहा- 'गंगा जमुनी तहजीब भाषणों में ही नहीं, बल्कि...'

प्रयागराज, 25 मई: सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाले एक आरोपी की जमानत मंजूर करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक ऐसा फैसला सुनाया है, जो अब हर तरफ चर्चा का विषय बना गया है। इतना ही नहीं, कोर्ट का यह फैसला मीडिया की सुर्खियों में भी छा गया है। दरअसल, कोर्ट ने आरोपी को ऐसी सजा सुनाई, जिससे उसे सीख मिल सके। सजा के मुताबिक, आरोपी को अब सार्वजनिक स्थानों पर राहगीरों और शरबत और ठंडा पानी पिलाना होगा।

Recommended Video

    Allahabad HC ने आरोपी को दी सजा, राहगीरों को पिलाना होगा शरबत | वनइंडिया हिंदी
    सद्भाव बिगाड़ने का दर्ज हुआ था केस

    सद्भाव बिगाड़ने का दर्ज हुआ था केस

    ये आदेश जस्टिस अजय भनोट ने नवाब नाम के शख्स की जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिए है। बता दें कि नवाब हापुड़ जिले का रहने वाला है। नवाब के ऊपर 11 मार्च को हापुड़ जिले की सिंभावली पुलिस स्टेशन में सद्भाव बिगाड़ने का मामला दर्ज हुआ था, जो हापुड कोर्ट पहुंचा। लेकिन जिला न्यायालय ने याची की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया था। जिसके बाद याची ने जमानत के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की। याची की ओर से तर्क दिया कि चुनाव परिणाम आने के बाद राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के बीच विवाद उत्पन्न हुआ था।

    कोर्ट ने कहा याची है जमानत का हकदार

    कोर्ट ने कहा याची है जमानत का हकदार

    बताया गया कि नारेबाजी के बाद लोग आक्रोशित हुए और विवाद अचानक हिंसक रूप में परिवर्तित हो गया। लेकिन इसमें याची का कोई दोष नहीं है। उसे द्वेषवश फंसाया गया है। घटना में याची की कोई भूमिका नहीं है। उसका नाम भी मुख्य आरोपी के तौर पर सामने नहीं आया है। याची के तर्कों से सहमत होते हुए कोर्ट ने कहा कि याची जमानत का हकदार है। कोर्ट ने शर्तों के साथ याची को व्यक्तिगत मुचलके और दो प्रतिभूति के साथ रिहा करने का आदेश दिया।

    राहगीरों को पिलाना होगा शरबत

    राहगीरों को पिलाना होगा शरबत

    कोर्ट ने याची को जमानत देते हुए ऐसा आदेश सुनाया कि वह अब मीडिया की सुर्खियों में बना हुआ है। दरअसल, कोर्ट ने याची को सार्वजनिक स्थान पर राहगीरों को गर्मी में किसी सार्वजनिक स्थान पर हफ्ते भर तक ठंडा पानी और शरबत पिलाने का निर्देश दिया है। कहा कि याची के अधिवक्ता भी उसे कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नवाब की जमानत अर्जी मंजूर करते कई विचारकों के कथनों को भी उद्धत किया है। कहा कि गंगा-जमुनी तहजीब बातचीत में मनाई जाने वाली रस्म नहीं है बल्कि वास्तव में यह एक आत्म शक्ति है, जिसे आचरण में इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

    ये भी पढ़ें:-

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+