प्रोफेसर नईमा खातून बनीं AMU की पहली महिला वाइस चांसलर
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी को पहली महिला वाइस चांसलर के तौर पर प्रोफेसर नईमा खातून मिली हैं। नईमा खातून को पांच वर्षों के लिए एएमयू का वाइस चांसलर नियुक्त किया गया है। यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार की ओर से प्रेस विज्ञप्ति जारी करके इसकी जानकारी दी है। प्रोफेसर नईमा खातून को एएमयू का नया वीसी बनाया गया है, इससे पहले उनके पति मोहम्मद गुलरेज कार्यवाहक कुलपति थे।
एएमयू कोर्ट की ओर से नईमा खातून सहित तीन नामों को राष्ट्रपति के पास भेजा गया था। इसमे प्रोफेसर एमयू रब्बानी, प्रोफेसर नईमा खातून, प्रोफेसर फैजान मुस्तफा शामिल थे। प्रोफेसर नईमा खातून एएमयू के 103 वर्षों के इतिहास में पहली महिला वीसी हैं।

प्रोफेसर तारिक मंसूर ने कुलपति के पद से इस्तीफा दे दिया था। उनका कार्यकाल 17 मई 2023 तक था, जिसके बाद सह कुलपति प्रोफेसर मोहम्मद गुलरेज को कुलपति पद का जिम्मा सौंप दिया गया था। एएमयू के पूर्व वीसी की बात करें इसमे मोहम्मद अली मोहम्मद खान, साहिबजादा आफताब अहमद खान, नवाब मोहम्मद मुजम्मिलउल्लाह खान शेरवानी, रॉस मसूद, जिया उद्दीन अहमद, सर शाह मोहम्मद सुलेमान, जिया उद्दीन अहमद, जाहिद हुसैन, नवाब मोहम्मद इस्माइल खान, जाकिर हुसैन, बशीर हुसैन जैदी, बदरुद्दीन तैयबजी, अली यावर जंग, अब्दुल अलीम, एएम खुसरो, सैयद हामिद, सैयद हासिम अली, एमएन फारूकी, महमूदुर्रहमान, मोहम्मद हामिद अंसारी, नसीम अहमद, पीके अब्दुल अजीज, लेफ्टिनेंट जमीर उद्दीन शाह, प्रो. तारिक मंसूर शामिल हैं।
प्रोफेसर नईमा खातून की बात करें तो वह मनोविज्ञान विभाग की 1988 में व्याख्याता नियुक्त हुई थीं। वो अप्रैल 1998 से असोसिएट प्रोफेसर और जुलाई 2006 से प्रोफेसर रहीं। जुलाई 2014 में महिला कॉलेज की प्रिंसिपल बनीं।












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