VIDEO: छोटा शकील का शॉर्पशूटर गुजरात में हत्थे चढ़ा, पूर्व गृहमंत्री समेत BJP नेताओं को मारने आया था
अहमदाबाद। गुजरात की एक्शन टास्क फोर्स (एटीएस) ने अंडरवर्ल्ड की बड़ी साजिश नाकाम कर दी। यहां छोटा शकील का शॉर्पशूटर बुधवार तड़के अहमदाबाद की रिलीफ रोड की वीनस होटल से धर लिया गया। एक अधिकारी ने बताया कि, छोटा शकील के शॉर्प शूटर के बारे में सूचना मिलने पर पुलिस एवं अन्य टीमें जांच-पड़ताल में जुटी हुई थीं। पता चला कि, हमलावर वीनस होटल में है तो वहां तलाशी शुरू कर दी गई।

नेताओं की हत्या करने आए थे शकील के गुंडे
पुलिस को देखकर वे गुंडे फायरिंग करने लगे। उसी दौरान उनमें से एक जना भागने में कामयाब हो गया। अब भी उसकी तलाश की जा रही है। जांच में सामने आया है कि जो शॉर्पशूटर हत्थे चढ़ा है, उसके निशाने पर साल 2002 में गुजरात के गृहमंत्री रहे गोरधन झड़पिया सहित कई बीजेपी नेता थे। इन नेताओं की हत्या करने की प्लानिंग की जा रही थी। मगर, एटीएस एवं खुफिया सूचनाओं के जरिए अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा शकील की बड़ी साजिश अंजाम दिए जाने से पहले ही विफल कर दी गई है।

एटीएस चीफ ने बताया कैसे पकड़ा शॉर्पशूटर
एटीएस चीफ हिमांशु शुक्ला के मुताबिक, 'शॉर्प शूटर का नाम इमरान है। वह हमारी कार्रवाई में दो पिस्टल के साथ अरेस्ट हुआ है। छोटा शकील गैंग के बारे में हमें यह सूचना मिली थी कि, 2 शॉर्प शूटर अहमदाबाद की एक होटल में छिपे हैं। जिसके बाद हमने फौरन तैयारी शुरू कर दी।बुधवार सुबह के करीब 3 बजे हमारी एक टीम ने वीनस होटल पर रेड मारी। वहां से एक शॉर्प शूटर को पकड़ लिया, जबकि एक अन्य भाग निकला। अभी इस मामले को लेकर और खुलासे भी हम करेंगे।''

क्या कुबूला शॉर्प शूटर ने?
संवाददाता ने बताया कि, एटीएस के हत्थे चढ़े शॉर्प शूटर इरफान को कालिया शेख भी कहा जाता है। वो मुंबई से ताल्लुक रखता है। उसने कुबूला है कि, वो गुजरात में भाजपा के दिग्गज नेता गोरधनभाई झडफिया की हत्या करने के लिए आया था। दूसरे साथी के बारे में पूछे जाने पर उसने कहा कि मैं तो अकेला ही भेजा गया था। उसने अपने साथ कोई दूसरा व्यक्ति होने की बात से साफ इनकार किया है।

गुजरात दंगे में आया था गोरधन का नाम
गोरधन झडफिया 2002 में गृह राज्यमंत्री थे। उस साल भीषण दंगे हुए थे। तब गोरधन पर हिंदू दंगाईयों की मदद करने के आरोप लगे थे। अब खुद की जान को खतरा होने के बारे में बताते हुए गोरधन का कहना है कि, मुझे हाल ही गृह राज्यमंत्री प्रदीपसिंह ने कॉल करके इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने मेरी सुरक्षा बढ़ाने का प्रस्ताव भी दिया। जिस पर मैंने उनको जरूरत के अनुसार कोई भी फैसला लेने की बात कह दी।












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