गुजरात से राज्यसभा के लिए चुने गए विदेश मंत्री जयशंकर ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की कैविएट अर्जी
अहमदाबाद. गुजरात में कांग्रेस द्वारा राज्यसभा चुनाव के खिलाफ याचिका दाखिल किए जाने के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर अपना पक्ष रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं। सुप्रीम कोर्ट में उन्होंने बुधवार को कैविएट अर्जी दाखिल की। इस अर्जी के जरिए उन्होंने अपना पक्ष भी सुने जाने की गुजारिश की। उनकी कैविएट अर्जी का मतलब है कि, कांग्रेस यदि गुजरात हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करे तो उनका (एस. जयशंकर का) पक्ष भी सुना जाए, और बिना उनका पक्ष सुने कोई आदेश जारी न किया जाए।

एस. जयशंकर को लेकर, कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव आयोग ने राज्यसभा की दो सीटों के लिए जुलाई 2019 में हुए चुनाव में दो सीटों के अलग-अलग चुनाव कराए, जिससे सत्ताधारी भाजपा के पास बहुमत होने के कारण दोनों सीटों पर उनके उम्मीदवारों की ही जीत हुई। कांग्रेस का दावा है कि दोनों सीट पर एक साथ चुनाव होते तो कांग्रेस को एक सीट मिल सकती थी। इसी दावे के तहत कांग्रेस प्रत्याशी गौरव पांड्या ने चुनाव आयोग की अधिसूचना के आधार पर चुनौती दी थी, जिसमें दोनों खाली सीटों को अलग-अलग श्रेणी में रखा गया था, जिसकी वजह से अलग-अलग उपचुनाव की जरूरत थी।
गौरव पांड्या ने इसे संविधान और जनप्रतिनिधि कानून-1951 और चुनाव संहिता 1961 का उल्लंघन बताया था। उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। तब गुजरात हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा था कि याचिकाकर्ता जनप्रतिनिधि कानून के तहत चुनाव को अमान्य घोषित करने के कारणों को बताने में नाकाम रहे। कोर्ट ने कहा था कि याचिकाकर्ता संविधान या जनप्रतिनिधि कानून का कोई ऐसा प्रावधान भी बताने में असफल रहे, जिसमें चुनाव आयोग को सभी रिक्तियों के लिए एक साथ चुनाव कराने की बाध्यता है।












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