देश में CAA पर हो रहे प्रदर्शनों के बीच पाकिस्तानी मुस्लिम महिला को मिली भारतीय नागरिकता
अहमदाबाद. नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के लागू होने पर जारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच गुजरात से ऐसी खबर आई है, जिसमें एक पाकिस्तानी को भारतीय नागरिकता मिली है। एक ओर जहां लेफ्ट-मुस्लिम संगठन भाजपा सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए सड़कों पर जुलूस निकाल रहे हैं, वहीं राज्य की भाजपा सरकार ने एक पाकिस्तानी मुस्लिम महिला को ही भारतीय नागरिकता दिलाकर एक अलग तरह का मैसेज दिया है। यहां द्वारका जिले में एक महिला भारत में रहकर बीते 2 साल से भारतीय नागरिक बनने का सपना देख रही थी। उसे अब जिले के कलेक्टर नरेन्द्र मीणा द्वारा भारतीय नागरिकता के प्रमाण पत्र सौंप दिए गए हैं।
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आवेदन के 2 साल बाद मिली भारतीय नागरिकता
संवाददाता के अनुसार, महिला का नाम हसीनाबेन है। जो पाक से गुजरात आई थी। द्वारका के कलेक्टर नरेन्द्र मीणा ने कहा कि हसीनाबेन अब घोषित भारतीय नागरिक हैं। वर्ष 1999 में पाक में उनकी शादी हुई थी। ऐसे में उनके पास पाकिस्तानी नागरिकता थी। हालांकि, उनकी शादी के कुछ वर्षों बाद उनके पति की मौत हो गई। जिसके बाद वह भारत आ गईं।

1999 में शादी के कुछ वर्षों बाद हो गई थी पति की मृत्यु
हसीनाबेन ने दो साल पहले भारतीय नागरिकता के लिए अर्जी की थी। जांच-प्रक्रिया के उपरांत गृह मंत्रालय द्वारा उनकी दरख्वास्त मंजूर कर ली गई। अब उन्हें भारतीय नागरिकता का प्रमाणपत्र सौंप दिया गया है। कलेक्टर ने बताया कि नागरिकता देने की प्रक्रिया में पहले काफी समय लग जाता था। मगर, अब क्योंकि प्रक्रिया ऑनलाइन होने लगी है, तो यह बहुत कम वक्त में हो गया।

मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने दी हसीनाबेन को बधाई
कलेक्टर के मुताबिक, किसी को नागरिकता मुहैया कराने की प्रक्रिया ऑनलाइन होने की वजह से अधिकतम छह महीनों में भारतीय नागरिकता दी सकेगी। वहीं, हसीनाबेन को भारतीय नागरिकता मिलने पर राज्य के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने ट्विटर पर उनको बधाई दी है।












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