गुजरात में होने वाले उपचुनाव में CM आनंदी पटेल के नेतृत्व की अग्निपरीक्षा
अहमदाबाद। देश की राजनीति भले ही 'अच्छे दिनों' के वादों-इरादों के साथ बढ़ रही हो पर इस बार गुजरात को गहन अग्िनपरीक्षा से नहीं गुजरना है। दरअसल गुजरात में एक लोकसभा सीट और नौ विधानसभा सीटों के लिए अगले महीने उपचुनाव होने हैं। उपचुनाव नई बनीं मुख्यमंत्री आनंदी पटेल के नेतृत्व और उनकी स्वीकार्यता के लिये कडी परीक्षा होंगे।

मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद से गुजरात में पटेल के नेतृत्व में लड़ा जाने वाला यह पहला चुनाव है। सभी 9 विधानसभा सीटें जहां 13 सितंबर को उपचुनाव होगा, वहां भाजपा का परचम था और विधायकों के लोकसभा के लिए चुने जाने के बाद सीटें खाली हुईं थीं।
इन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होना है-
- आणंद
- लीमखेडा-दाहोद
- दीसा-बनासकांठा
- मातर-खेडा
- मणिनगर-अहमदाबाद
- तलाजा-भावनगर
- तंकारा-राजकोट
- खमभालिया-जामनगर
- मंगरुल-जूनागढ
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वाराणसी सीट बरकरार रखने के मोदी के फैसले के बाद वडोदरा लोकसभा सीट खाली हुई थी। कांग्रेस को लग रहा है कि वह इस बार गुजरात में अपनी टूटी हुई पकड़ मजबूत कर सकती है। पिछले कुछ महीने के दौरान भ्रष्टाचार और महंगाई का मुद्दा जोर शोर से उठाया गया था, जिसका सीधा निशाना ये उपचुनाव थे।












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