रूपाणी सरकार ने की नई सौर ऊर्जा नीति की घोषणा, गुजरात में 30 हजार मेगावाट का लक्ष्य
new solar power policy 2021 of gujarat Govt, अहमदाबाद। गुजरात सरकार ने नई सौर ऊर्जा नीति की घोषणा की है। जिसके तहत वर्ष 2022 तक सौर व पवन ऊर्जा का उत्पादन 30 हजार मेगावाट तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने अहमदाबाद में अपनी नई सौर ऊर्जा नीति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि, अभी राज्य में 800 मेगावाट सौर बिजली पैदा होती है, साथ ही 11 हजार मेगावाट की क्षमता विकसित की जा चुकी है। इसे बढ़ाते हुए हम वैश्विक स्तर पर ले जाना चाहते हैं। मुख्यमंत्री बोले कि, नई नीति से हम बड़े पैमाने पर विद्युत उत्पादन करने वाले बनेंगे। रूपाणी ने कहा, ''सौर ऊर्जा नीति-2021 का सबसे बड़ा मूलमंत्र है- 'मेड इन गुजरात' ब्रांड से दुनिया को आच्छादित कर देना।"

सरकार ने जो तैयारी शुरू की है, उसे देखा जाए तो इरादा गुजरात को ग्रीन एनर्जी हब बनाने का है। मुख्यमंत्री का कहना है कि, इस लक्ष्य को पाने में हमारी नई सौर ऊर्जा नीति-2021 मील का पत्थर सिद्ध होगी। वह बोले कि, 'नई नीति में खासतौर से मध्यम एवं लघु उद्योगों के लिए कई प्रोत्साहनों का प्रावधान है, ताकि उनकी उत्पादन लागत घटे और वे वैश्विक बाजार प्रतिस्पर्धा में खड़े हो सकें।'
मुख्यमंत्री बोले कि, ''भारत में पहली बार सौर नीति शुरू करने के अलावा हमने 'सूर्य गुजरात योजना' भी शुरू की। यहां पाटणं के चारणका सोलर पार्क की क्षमता में विस्तार किया गया है। धोलेरा में 1000 मेगावॉट के सौर पार्क और राघानेसडा में 700 मेगावॉट के सौर पार्क का काम चल रहा है।''
उन्होंने कहा कि, सोलर एनर्जी के उपयोग के चलते धीरे-धीरे कोयला आधारित बिजली का उत्पादन घटेगा और गुजरात समेत देश को ग्रीन-क्लीन एनर्जी मिलेगी। इसी तरह, अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में भी गुजरात ने खास जगह बना ली है।












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