अहमदाबाद में दौड़ेंगी 1 हजार इलेक्ट्रिक बसें, 1 बार की चार्जिंग से 200 KM चल सकती हैं बिना धुआं छोड़े
Gujarat News, गांधीनगर। गुजरात में अहमदाबाद शहर आगामी अप्रैल से और चकाचौंध हो उठेगा। यहां की सड़कों पर वाहनों की संख्या भी बढ़ेगी, मगर ये वाहन ऐसे होंगे जिनसे प्रदूषण नहीं होगा। नगर निगम यहां 50 इलेक्ट्रिक बसें शुरू करने जा रहा है, इसके अलावा दो साल में शहर में ऐसी 1000 बसें दौड़ने की भी योजना है। ये बसें धुंआ-रहित होती हैं और ईको-फ्रेंडली भी होंगी।

2 साल में दौड़ेंगी 1 हजार इलेक्ट्रिक बसें
नगर निगम आयुक्त विजय नेहरा ने बताया कि वर्ष 2019-20 के लिए 7,509 करोड़ रुपये का बजट समिति का मसौदा पेश किया गया है। स्थायी समिति के अध्यक्ष इसमें संशोधन करके अंतिम बजट प्रस्तुत करेंगे। बजट में मुख्य बिंदुओं पर चर्चा की जाए तो कोई अतिरिक्त कर नहीं लगाया है। दो साल में शहर में 1000 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। इसके अलावा 30 से ज्यादा ई-रिक्शा दौड़ेंगे। वहीं, यातायात प्रबंधन के लिए 20 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। शहर में पार्किंग और यातायात को सरल करने के लिये नगर निगम एक पॉलिसी भी बना रहा है।

'बैटरी स्वैप' तकनीक से चलेगी पहली इलेक्ट्रिक बस
'बैटरी स्वैप' तकनीक से लैस देश की पहली इलेक्ट्रिक बस अहमदाबाद में लॉन्च की जाएगी। बैटरी चार्ज होते ही आरटीओ के 35 किलोमीटर से लेकर आरटीओ तक का सर्कुलर रूट पूरा हो जाएगा। अहमदाबाद के रानीप बस डिपो पर नई बैंटरी लगाने का स्टेशन लगेगा, जिसमें 120 सेकंड में बैंटरी चेन्ज हो जायेंगी। अहमदाबाद शहर के अनुकूलित डिजाइन मॉडल को पहली बार वाइब्रेंट गुजरात ट्रेड शो में रखा गया था। देश में पहली बार, बैटरी चालित बस यहीं चलेंगी।

कुछ इलेक्टिक बसें अगले 15 दिनों में शुरू की जाएंगी
अगले 15 दिनों में कुछ इलेक्टिक बसें शुरू की जाएंगी। इस बस में सिदी सैय्यद की जाली के ग्राफिक्स दिखाई देंगे। अप्रैल के अंत तक, 50 इलेक्ट्रिक बसें शुरू की जाएंगी। जिसमें से 18 बसों में बैटरी बदलने की व्यवस्था होगी और शेष बसों में 'सर्किट-एफ' की सुविधा होगी, जिन्हें जल्दी चार्ज किया जा सकता है।

एक बार चार्जिंग के बाद 200 किमी तक चल सकती हैं ये बसें
तेज़ चार्जिंग 'सर्किट-एफ' बस चार्ज करने के बाद 200 किलोमीटर तक चलेगी और इसे 4 घंटे में फिर से चार्ज किया जाएगा। ये बसें अशोक लेलैंड से ली गईं हैं। संचालन इकाई E-MASS के तहत 63 रुपये प्रति किलोमीटर की लागत रहेगी।

साबरमती के शुद्धिकरण के लिए 500 करोड़
वहीं, साबरमती नदी के शुद्धिकरण के लिए भी 500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। कांकरिया लेक्चर गेट को 50 करोड़ रुपये की लागत से अपग्रेड किया जाएगा। एक करोड़ की लागत से कंगारू चिड़ियाघर संग्रह का नवीनीकरण भी होगा।













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