UP News: जिस बदमाश नाम से कभी थर्राते थे यूपी-बिहार के सर्राफ, बोला- 'मुझे जमानत नहीं चाहिए', जानें वजह
UP News: एक दशक पहले जिस बदमाश का नाम सुनकर उत्तर प्रदेश और बिहार के रहने वाले सराफा कारोबारी कांपने लगते थे। आज वह उत्तर प्रदेश पुलिस का नाम सुनकर कांप पर रहा है। यही कारण है कि वह जमानत पर बाहर नहीं आना चाहता है।
बदमाश ने कोर्ट में गुहार लगाई है कि उसे जमानत नहीं चाहिए और वह बाहर नहीं निकलना चाहता है। बदमाश का कहना है कि उत्तर प्रदेश के हाथरस जनपद की पुलिस जमानत करवाने के बाद उसका एनकाउंटर कर सकती है। फिलहाल जमानत प्रार्थना पत्र खारिज करते हुए आरोपित को कोर्ट ने जेल भेज दिया।

दरअसल, साल 2012 में सर्राफा कारोबार से जुड़े लोग बिल्लू वर्मा गैंग का नाम सुनकर कांपने लगते थे। बिल्लू वर्मा और उसके साथियों द्वारा कई सराफा कारोबारियों को निशाना बनाया गया था। और उनसे वसूली की गई थी कई जगह लूट की वारदात को भी लोगों ने अंजाम दिया था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार बिल्लू वर्मा एक समय सर्राफा कारोबार से जुड़े लोगों के लिए सर दर्द बन गया था। बिल्लू वर्मा और उसके साथियों पर सात सर्राफा कारोबारी को गोली मारने के आरोप थे। यह अभी बता दे की अक्टूबर 2012 में सर्राफा कमेटी के तत्कालीन अध्यक्ष आनंद अग्रवाल को गोली मारी गई थी।
इस मामले में बिल्लू वर्मा और उसके साथियों पर गोली मारने का आरोप लगाया गया था। बाद में पुलिस ने बिल्लू वर्मा को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं जानलेवा हमले के एक मुकदमे में बिल्लू वर्मा को 10 साल की सजा भी हुई थी।
भाई से जबरन दाखिल कराई जमानत याचिका
बताया जा रहा है कि जेल में बंद बिल्लू वर्मा के भाई को पुलिस ने पकड़ कर थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया। उसके बाद भाई मोनू वर्मा पर दबाव बनवाकर पुलिस द्वारा सीजेएम कोर्ट में जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिलवाया गया। बिल्लू वर्मा जेल से बाहर नहीं निकलना चाहता है।
बताया जा रहा है कि बिल्लू वर्मा सोमवार को जब आगरा सीजेएम कोर्ट के सामने पेश हुआ तो वहां जोड़कर गिड़गिड़ाने लगा। उसने कहा कि उसकी जान को खतरा है और हाथरस पुलिस उसका एनकाउंटर कर सकती है। सीजेएम आंचल प्रताप सिंह द्वारा उसके बयान को गंभीरता से सुना गया और जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया गया।












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