विदेशी तोते 'बाबू' के मालिकाना हक़ का विवाद पुलिस आयुक्त तक पहुंचा, थाने में 'मुनमुन' को खुद चुना था मालिक
दो पक्षों द्वारा तोते पर मालिकाना हक़ जताने को लेकर विवाद हो गया था। तब पुलिस ने तोते से ही उसकी इच्छा पूछ कर, 4 साल से तोते को पाल रहे अजय कुमार वर्मा को सौंप दिया था। लेकिन अब यह मामला फिर सुर्खियों में आ गया है।

पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के आगरा में एक अफ्रीकन तोता ख़ासा चर्चा में रहा था। वजह थी कि दो पक्षों द्वारा तोते पर मालिकाना हक़ जताने को लेकर विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ गया था कि बात थाने तक जा पहुंची थी। इस मामले से जितना हैरान हम और आप हैं उतनी ही आगरा पुलिस भी थी। जैसे तैसे तब पुलिस ने तोते से ही उसकी इच्छा पूछ कर, 4 साल से तोते को पाल रहे अजय कुमार वर्मा को सौंप दिया था। लेकिन अब यह मामला फिर सुर्खियों में आ गया है। इस अफ्रीकन तोते पर दावा ठोकने वाले दूसरे पक्ष के मुनेंद्र जैन पुलिस आयुक्त के पास पहुंच गए हैं और तोता वापस दिलवाने की मांग कर रहे हैं।

अफ्रीकन तोते को लेकर गहराया विवाद
दरअसल, यह पूरा मामला आगरा के थाना कमलानगर क्षेत्र के दो पड़ोसियों के बीच का है। एक पक्ष जिनका नाम मुनेंद्र जैन है, उन्होंने 15 दिसंबर 2022 को पुलिस के पास जाकर इस अफ्रीकन तोते को अपना बताते हुए कहा था कि चार साल पहले उन्हें बाहर जाना था इसलिए तोता अजय कुमार वर्मा को देकर चले गए थे। अब वे तोता वापस चाहते हैं तो अजय कुमार वर्मा ने उन्हें तोता देने से इंकार कर दिया है। पुलिस उनकी मदद करे और तोता वापस दिलवाए। वहीं पहले तो पूरा मामला सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई पर बाद में दोनों पक्षों को थाने ले आई। थाना कमला नगर में पहुंचने के बाद अजय कुमार वर्मा और मुनेंद्र जैन दोनों ने ही तोते पर अपना दावा ठोक दिया।

तोते ने खुद बताया अपने मालिक का नाम
इस विवाद का हल निकालने के लिए पुलिस को एक तरकीब सूझी और उन्होंने तोते को एक टेबल पर बिठा दिया, कहा कि तोता जिसे चाहेगा वही उसका मालिक होगा। चूंकि तोता इंसानो के जैसे कुछ शब्द बोलने में सक्षम होता है, तो मुमकिन था कि तोता अपने असली मालिक को पुकारेगा और मामला हल हो जाएगा। हुआ भी कुछ ऐसा ही और तोते ने अजय कुमार वर्मा की बेटी मुनमुन का नाम लिया। नतीजन पुलिस ने तोता अजय कुमार वर्मा को सौंप दिया।
पुलिस आयुक्त ने दिए जांच के आदेश
मगर मुनेंद्र जैन को पुलिस का यह फैसला ठीक नहीं लगा और वह बीते गुरुवार को पुलिस आयुक्त डॉ. प्रीतिंदर सिंह के पास पहुंचे गए। उन्होंने तोते पर अपना दावा करते हुए कहा कि कुछ टाइम उनके पास रहने की वजह से तोते ने मुनमुन का नाम रट लिया है। वहीं पुलिस आयुक्त डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने भी जांच के आदेश दे दिए हैं।
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तोते का बयान कैसे दर्ज कराएं, असमंजस में पड़ी पुलिस
यह मामला आगरा में पिछले दिनों इतना चर्चा में रहा कि विदेशी तोता 'बाबू' के किस्से से अधिकांश पुलिसकर्मी भी परिचित हैं। वहीं जब मुनेंद्र जैन द्वारा आयुक्त से शिकायत करने के बाद वह बाहर आए तो पुलिसकर्मी भी उनसे मजाकिया लहजे में बोले कि, क्या चाहते हो, तोते के 164 के बयान दर्ज कराए जाएं। उनका कहने का अर्थ था कि मामला अदालत में जाएगा तो बयान कैसे लिए जाएंगे, यह संभव नहीं हैं। साथ ही उन्होंने समझाते हुए यह भी कहा कि जाे पक्ष तोते को चार वर्ष से रख रहा है, उसी के पास रहने दो। तोते ने भी उसी का नाम पुकारा है। पुलिसकर्मियों ने मुनेंद्र से जिद छोड़ने की बात भी कही मगर वह नहीं माने। अब यह देखना भी दिलचस्प होगा कि आगे इस मामले में क्या मोड़ आता है।












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