86 दिनों बाद केदारनाथ में बम-बम भोले की गूंज
देहरादून। उत्तराखंड में मची तबाही के बाद 86 दिनों बाद आज केदारनाथ में दुबारा से पूजा शुरु की गई। सुबह 7 बजे केदारनाथ मंदिर की गर्भगृह का शुद्धिकरण किया गया। लंबे इतंजार के बाद बाबा केदारनाथ की पूजा शुरु की गई। कपाट खुलने के बाद भगवान शिव का जलाभिषेक किया गया। पूरी आस्था और श्रद्धा के साथ भगवान का श्रृंगार किया गया।
केदारनाथ मंदिर की शुद्धिकरण पूजा के बाद केदारनाथ का पूरे विधि-विधान से जलाभिषेक किया गया। शुद्धिकरण पूजा के बाद तकीब सुबह 8 बजे बाबा केदारनाथ के कपाट खोल दिए गए। हलांकि केदारनाथ जाने का रास्ता अब तक ठीक नहीं हो पाया। रास्ता ठीक नहीं होने के कारण आम लोग वहां नहीं पहुंच पाए, केवल वही लोग बाबा केदारनाथ की पूजा में शरीक हो रहे हैं, जो विशेष तौर पर वहां पूजा के लिए पहुंचाए गए हैं।

मंदिर के मुख्य पुजारी रावल भीम शंकर ने पूजा की शुरुआत की। पूजा में शामिल होने के लिए धर्मगुरु शंकराचार्य के प्रतिनिध स्वामी हंसदेवाचार्य भी शामिल हुए। हंसदावाचार्य ने कहा कि हम अभूतपूर्व त्रासदी के बाद लंबे समय तक पूजा स्थगित रहने के लिए भगवान शिव से क्षमा मांगेंगे।
सरकार की ओर से सिंचाई मंत्री एचएस रावल भी इस पूजा में शामिल हुए। हिमालयी तीर्थस्थल के गर्भ गृह को केदरनाथ-बद्रीनाथ समिति और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम के निरीक्षण में सजाया संवारा गया है। आज की पूजा के बाद केदारनाथ के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए है। साधु-संतों की टोली इस शुद्धिकरण पूजा में शामिल हुए। गौरतलब है कि 16 और 17 जून को आई तबाही के बाद केदारनाथ पूरी तरह तबाह हो गया। मंदिर को छोड़कर यहां का कोना-कानो तबाह हो गया था। भगवान शिव की पूजा रुक गई थी। जिसके बाद शिव की पूजा के लिए उन्हें नेपाल की मंदिर को जिम्मेदारी दी गई। सरकार और प्रशासन के बाद आज फिर से भगवान केदारनाथ की पूजा शुरु हो गई है।












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