सस्ते अनाज के बाद गरीबों को मुफ्त मोबाइल फोन और टैबलेट बांटेगी मनमोहन सरकार
नयी दिल्ली। लोकसभा चुनाव की सुगबुगाहाट शुरु होते ही यूपीए सरकार ने जनता के सामने लुभावने योजनाओं की झरी लगानी शुरु कर दी है। महंगाई और भ्रष्टाचार की मार झेल रही मनमोहन सरकार अब लोगों में मोबाइल फोन और टैबलेट बांटकर सत्ता की कुर्सी हासिल करना चाहती है।
पहले खाद्य सुरक्षा बिल, फिर भूमि अधिग्रहण बिल और अब मुफ्त मोबाइल और टैबलेट योजना। यूपीए सरकार चुनाव की सुगबुगाहट के साथ ही लोगों को लुभाने में जुट गई है।दरअसल यूपीए सरकार गरीबों को मुफ्त मोबाइल और टैबलेट बांटने की 'मेगा स्कीम' लाने की तैयारी में है। इस मेगा स्कीम के तहत गरीबों को 2.5 करोड़ मोबाइल और 90 लाख टैबलेट बांटे जाएंगे। गांव और शहर के बीच पैदा हुई डिटिजल खाई को पाटने का नाम देकर सरकार जनता के वोट का हड़पना चाहती है।

योजना के तहत अगले 4 सालों तक ये मेगा स्कीम चलेंगी। जिसपर सरकारी खजाने का 7860 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। गरीबों को दिए जाने वाले मोबाइल में दो साल के लिए फ्री कनेक्शन होगा। इसके लिए उनसे एकमुश्त 300 रुपये लिए जाएंगे। इसमें उन्हें हर महीने 30 मिनट का टॉक टाइम, 30 एसएमएस और 30 एमबी डेटा फ्री मिलेगा।
प्री टॉकटाइम के साथ मिले वाले इस मोबाइल फोन योजना सिर्फ ग्रामीण इलाकों के लिए होगी। इस योजना के तहत दिए जाने वाले टैबलेट ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों के 11वीं और 12वीं के छात्रों को दिए जाएंगे। टैबलेट में हर महीने 75 मिनट का टॉक टाइम, 75 एसएमएस और 500 एमबी डेटा कनेक्शन मिलेगा। टेलिकॉम कमिशन को यह प्रस्ताव भेजा जा चुका है। कमिशन की मंजूर के बाद इसे कैबिनेट को भेजा जाएगा।












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