अखिलेश की खुली पोल, खजाने में पैसा नहीं, बांटा चेक हो गया बाउंस
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के हवाहवाई दावों की पोल खुल गई है। अखिलेश की असलियत सामने आ गई है। जो सरकार कभी लैपटॉप तो कभी चेक बांट रही थी आज उनकी सच्चाई सामने आ गई है। एक के बाद एक जन कल्याणकारी योजनाएं शुरू करने का दावा करने वाली उत्तर प्रदेश सरकार के दावों की हवा निकलने लगी है। लगता है अखिलेश का सारा खजाना लैपटॉप के बिल चुकाने में ही चला गया है।
दरअसल अखिलेश यादव ने अपनी महत्वाकांक्षी योजना कन्या विद्याधन योजना के तहत जो चेक बांटे थे वो चेक अब बाउंस हो रहे हैं। एक के बाद एक चेक बाउंस होने की खबरें सामने आ रही है। इतना ही नहीं बाढ़ राहत के नाम पर बांटे गए चेक भी बाउंस हो रहे हैं। परेशान जनता चेक भुनाने के लिए दर-बदर की ठोकरें खा रहे हैं और सरकारी अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं।

यूपी में सत्ता पाने के लिए समाजवादी पार्टी ने अपने मेनिफेस्टों में कई लोक-लुभावन वादे किए थे। छात्रों को लैपटॉप बांटा तो कहीं कन्या विद्या धन की योजना चलाई। इन्हीं योजनाओं में से एक कन्या विद्याधन योजना है। जो मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की स्वर्णिम योजनाओं में से एक मानी जाती है। इस योजना के अखिलेश सरकार ने 12वीं पास करने वाली छात्राओं को 30 हजार रुपए देने का ऐलान किया था। यूपी बोर्ड के 12वीं के नतीजे आने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जगह-जगह कन्या विद्या धन के चेक भी बांटे, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी वो चेक कैश नहीं हो पाए हैं।
गोरखपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, कुशीनगर और देवरिया जैसे की जिलों में हजारों छात्राओं के चेक बाउंस हो गए हैं। उनके परिवार वाले कई महीनों से इस चेक को भुनाने की कोशिश कर रहे है, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है। इतना ही नहीं बाढ़ राहत के नाम पर 160 बाढ़ पीड़ितों को हजार-हजार रुपये के चेक बांटे गए। बाढ़ पीड़ित जब चेक लेकर बैंक पहुंचे तो कर्मचारियों ने उन्हें ये कहकर लौटा दिया कि चेक को क्लियर करने के लिए उनके पास रुपये नहीं हैं।
जब ये शिकायत सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पास पहुंची तो उन्होंने कठोर कार्रवाई के आदेश दे दिए। अखिलेश ने आदेश दिया है कि जो भी लोग या अफसर चेक बाउंस होने में दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी उन्हें दंडित किया जाएगा।












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