कोर्ट के फैसले के बाद, मच्छरों ने भी उड़ाई आसाराम की नींद
नई दिल्ली। कानून की पकड़ से बचने के लिए हर पैंतरा अपनाने और अब जेल में आने के बाद आसाराम पर एक एक दिन भारी पड़ रहा है। एक तो उन्हें जेल का खाना अच्छा नहीं लगता है, इसके साथ ही मच्छर उन्हें रात रात भर सोने नहीं दे रहे हैं। कल उनकी जमानत याचिका भी रद्द कर दी गई। गौरतलब है कि वह नाबालिग लड़की से यौन उत्पीड़न करने के आरोपी हैं अत: उन पर पास्को के तहत मुकदमा चल रहा है, जिसमें उन्हें जमानत नहीं मिल सकती है। उनके आसपास के लोगों का कहना है कि आसाराम ने कल रात सिर्फ एक गिलास दूध पिया और रात भर करवटें बदलते रहे।
किसी से कल बात नहीं की
पिछले दिनों एक इंटरव्यू के दौरान मीडिया से कहने वाले आसाराम बापू कि 'मुझे कानूनी भाषा नहीं आती, पर अब इसे समझने के बाद अवसादग्रस्त हो गये हैं। कल कोर्ट ने आसाराम की जमानत याचिका रद्द कर दी और इस बात से भी इनकार कर दिया कि पीडि़ता नाबालिग थी, जिससे कि अब उन पर पास्को के तहत ही मुकदमा चलेगा और उन्हें जमानत नहीं मिलेगी। आसाराम की कल जमानत याचिका रद्द होने के बाद जब उन्हें इसके सारे पहलुओं के बारे में जानकारी दी गई तो उनके होश उड़ गये, टेंशन और डर के कारण उन्होने कल किसी से बात नहीं कि जबकि इसके पहले वह आस पास मौजूद पुलिस अधिकारियों से बात करते थे।
अधिकारियों को रिश्वत देना भी काम नहीं आया
आसाराम के समर्थकों ने केस को कमजोर करने के लिए जांच कर रहे अधिकारियों को रिश्वत देने से लेकर जान से मारने तक की धमकी दी है लेकिन उनकी सारी कोशिशें बेकार गयीं और आसाराम को उनके किये की सजा मिल रही है। उनके समर्थकों के रसूख का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जोधपुर पुलिस के एसीपी को पैसों का लालच और एएसआई को कार्रवाई न करने के लिए प्रमोशन करवाने का आश्वासन देने की कोशिश की गई।
आसाराम के सरकारी जमीन पर बनाये गये आश्रमों को नोटिस
इधर आसाराम के जूनागढ़ स्थित आश्रम को खाली करने के आदेश दिये जा रहे हैं, गौर हो कि करीब 15 साल पहले उन्होने कई एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा करके अपना आश्रम बनाया था। तब डीजी वंजारा जूनागढ़ के एसपी हुआ करते थे।













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