आसाराम के सेवादार ने किये खुलासे, रिश्वत की कोशिश
नई दिल्ली। दुष्कर्म के आरोपी आसाराम बापू के पाक-साफ होने के दावे कोर्ट में तब खोखले साबित हुए जब उन्हीं के सेवादार शिवा ने यह कह दिया कि आसाराम बंद कमरे में अकेले लड़कियों से मिलते थे। उस दौरान वह पहरा देता था। वहीं जांच कर रहे अधिकारियों को तोड़ने के लिये रिश्वत की कोशिश की गई है।
मामले की पैरवी कर रहे वकील आनंद पुरोहित ने कहा है कि केस को प्रभावित करने के लिए जांच अधिकारियों को रिश्वत देने की कोशिश की जा रही है, वहीं कुछ अधिकारियों को जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है। जोधपुर के डीसीपी अजय पाल लांबा को एक गुमनाम चिट्ठी के द्वारा जान से मारने की धमकी दी गई है। एक अन्य अधिकारी चंचल मिश्रा ने कहा है कि जांच के दौरान उन्हें रिश्वत की पेशकश की गई।
हालांकि अभी तक जोधपुर कोर्ट ने आसाराम की जमानत याचिका पर कुछ फैसला नहीं सुनाया है, पर वकील पुरोहित का कहना है कि अगर उन्हें जमानत मिल गयी तो केस की जांच प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसके पहले आज आसाराम की जमानत के लिए याचिका पर जारी बहस लगभग ढ़ाई घंटे चली, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के वकील के के मेनन की अध्यक्षता में आधा दर्जन वकीलों ने आसाराम की याचिका के समर्थन में तथ्य पेश किये।
आसाराम को शनिवार को गिरफ्तार किये जाने के बाद जोधपुर लाया गया। जहां जोधपुर अदालत में पेश होने के बाद आसाराम को एक दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। जहां उनसे पूछताछ की गई और आरोप सही साबित हुए। इस दौरान आसाराम पर की जमानत याचिका दाखिल कर दी गई, जिस पर बहस के बाद आज शाम तक फैसला आ सकता है।
जांच कार्यवाही से जुड़े अधिकारियों के अनुसार उन्हें रिश्वत की पेशकश की जा रही है और कुछ को तो जान से मारने की भी धमकी मिल रही है। इसके पहले शनिवार को आसाराम के जोधपुर आश्रम में गये पत्रकारों पर हमले हुए थे।













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