किसी भी सूरत में 'शैतान' आसाराम की जमानत ना हो
लखनऊ। आखिरकार आसाराम की गिरफ्तारी हुई और तमाम अवरोधों और हो-हल्ला होने के बाद भी आसाराम जोधपुर पहुंच ही गये जिसके बाद देश के वह लोग जो लगातार पुलिस पर दवाब बनाये हुए थे आसाराम की गिरफ्तारी को लेकर, अब आसाराम को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं। तो वहीं पीड़िता के परिजन और पिता, जो कि बीते दस दिन से अनशन पर बैठे थे, ने अपना अनिश्चितकालीन अनशन तोड़ दिया जो कि वह शाहजहांपुर के कलक्ट्रेट परिसर में कर रहे थे।
पीड़िता के पिता और परिजन ने आसाराम की गिरफ्तारी पर खुशी जताई है और आसाराम को शैतान की उपाधि से नवाजा है। पीडि़ता के परिजनों की मांग है कि आसाराम को किसी भी सूरत में जमानत नहीं मिलनी चाहिए और इस शैतान तो दस साल की सजा नहीं बल्कि आजीवन कारावास होना चाहिए क्योंकि ना जाने इसने कितनी मासूमों की इज्जत से खिलवाड़ किया होगा।
गौरलतब है कि शनिवार देर रात को लंबी आंख-मिचौली के बाद बलात्कार के आऱोपी आसाराम बापू की इंदौर से गिरफ्तारी हो गयी है जिसके बाद उन्हें आज सुबह जोधपुर लाया गयाहै। रात 1 बजे इंदौर के आश्रम से उनकी गिरफ्तारी हुई है उसके बाद पूरी रात उनको एयरपोर्ट में रखा गया था।
मालूम हो कि यूपी के शाहजहांपुर की सोलह साल की नाबालिग लड़की ने आसाराम बापू और उनके चेलों पर रेप का आऱोप लगाया था। नाबालिग लड़की ने बताया है कि आसाराम बापू और उनके चेलों ने मिलकर उसके साथ राजस्थान के आश्रम में यौन-शौषण किया है।
मामले के तूल पकड़ते ही आसाराम और उनके बेटों ने नाबालिग को ही गलत ठहरा दिया था। आसाराम के बेटे ने तो नाबालिग को ही पागल और मानसिक रूप से अस्थिर बताया है।
आसाराम ने अपनी सफाई में हर बार यही बताने की कोशिश की वह सही है और पीड़ित को अपनी बेटी मानते हैं, उन्हे जबरदस्ती कांग्रेस रेप केस में फंसा रही है। उन्होंने बिना नाम लिये यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी पर उन्हें फंसाने का आरोप लगाया था।













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