'आतंकवाद के झूठे मामलों से बर्बाद हो रहे मुस्लिम परिवार'
नई दिल्ली। संप्रग सरकार द्वारा किए गए वादों का जायजा लेने के लिए यहां जमा हुए अल्पसंख्यक मुस्लिम समुदाय के सदस्यों ने मुस्लिम युवकों को झूठे आतंकवादी मामलों में फंसाए जाने को लेकर खासतौर से चिंता जाहिर की।
शुक्रवार को यहां इंडिया इस्लामिक कल्चर सेंटर में 'अलीगढ़ मूमेंट' पत्रिका द्वारा 'संप्रग-2 और मुस्लिमों की अपेक्षाएं' विषय पर आयोजित संगोष्ठी में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के मोहम्मद शाहिद ने कहा, "मुस्लिम युवाओं पर आतंकवाद का आरोप लगाया जाता है और बाद में उन्हें छोड़ दिया जाता है। इससे मुस्लिम युवा और उनके परिवार बर्बाद हो जाते हैं।"

कांग्रेस नेता अनीस दुर्रानी ने कहा कि मुस्लिम समुदाय के युवाओं और नेताओं पर आतंकवाद के झूठे आरोप लगने पर उन्हें सरकार से हर्जाने की मांग करनी चाहिए। सांसद मोहम्मद अदीब ने कहा, "जब तक पुलिस और प्रशासन की मानसिकता नहीं बदलेगी, तब तक कुछ नहीं हो सकता।"
पत्रकार आशीष खेतान ने कहा, "मुस्लिम युवाओं पर कई बार आतंकवादी हमलों में शामिल होने के गलत आरोप लगाए गए हैं।" उन्होंने कहा, "इस्लामी आतंकवाद भी वास्तविकता है।" खेतान ने कहा, "पीड़ितों पर किसी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए। सभी को न्याय मिलना चाहिए।" बैठक में संप्रग-2 सरकार द्वारा किए गए वादों की समीक्षा भी की गई।
'अलीगढ़ मूमेंट' पत्रिका के संपादक जासिम मोहम्मद ने कहा, "2009 में सत्ता में आने के समय संप्रग सरकार ने बहुत वादे किए थे, लेकिन उनमें से कुछ पर ही अमल हुआ है।" जामिया उर्दू के ओएसडी फरहत अली खान ने कहा, "सरकार मुस्लिमों का मजाक बना रही है।"
फिल्म निर्माता और सामाजिक कार्यकर्ता महेश भट्ट ने कहा कि कांग्रेस को अपने वादे पूरे करने चाहिए। मुस्लिम नेताओं ने युवाओं के लिए नौकरी, सच्चर समिति की रपट के कार्यान्वयन, सांप्रदायिक हिंसा पर अंकुश लगाने के लिए एक विधेयक और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के अल्पसंख्यक शिक्षा जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications